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हरियाणा के जिला न्यायालयों में लगेगा कियोस्क, देगा केस संबंधित सारी जानकारी

अदालतों में शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए व दलालों और कमीशन खाने वालों पर नकेल कसने के लिए माननीय न्यायालय की तरफ से एक सराहनीय

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 District court premises

रेवाड़ी। अदालतों में शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए व दलालों और कमीशन खाने वालों पर नकेल कसने के लिए माननीय न्यायालय की तरफ से एक सराहनीय कदम उठाया गया है। आदेशानुसार हरियाणा के सभी जिला कोर्ट परिसर में कियोस्क सिस्टम मशीनें स्थापित की जाएंगी।

यह मशीन अदालत में दी गई शिकायत का ब्योरा देगी। और सुविधा को सर्वप्रथम रेवाड़ी कोर्ट परिसर में शुरु किया गया। आज रेवाड़ी कोर्ट परिसर में कियोस्क सिस्टम मशीन लगाई गई, जिसका शुभारंभ माननीय जिला एवं सत्र न्यायधीश रविकुमार सौंधी ने किया।


जानकारी के मुताबिक, इस मशीन से कोर्ट सम्बंधी जानकारियों का स्टेटस मिल सकेगा। सभी स्टे होल्डर और वकीलों को इस टच मशीन से केस सम्बंधी जानकारी जल्द उपलब्ध होगी। समय की बचत के साथ-साथ कोर्ट परिसर में फैले करप्शन पर भी अंकुश लगेगा।

शिकायत नंबर डालते ही पाएं सारा ब्योरा
यदि आप ने अदालत में कोई शिकायत दर्ज कराई है और उस पर हो रही कार्रवाई जानना चाहते हैं तो आपको शिकायत नंबर भरना है, और ये मशीन उस शिकायत की पूरी जानकारी आपके सामने रख देगी। जैसे केस की तारीख, केस ट्रांसफर, केस फ़ीस और सभी जानकारियां मिलेंगी। यह एक टच मशीन है और हरियाणा के सभी जिलों में सुप्रीमकोर्ट के आदेशों पर लगाई जा रही है। जो रेवाड़ी में आज लग चुकी है और बाकी जिलों में भी जल्द ही लगाई जाएंगी।

फिर आमने-सामने कर्मचारी और सरकार
प्रदेश के कर्मचारी और सरकार एक बार फिर से आमने-सामने हो गई हैं। हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने ऐलान कर दिया है कि वे 7 नवंबर को जेल भरो आंदोलन करेंगे और प्रदेश की कोई भी जेल खाली नहीं रहेगी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कवंर सिंह यादव ने रोहतक में आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार कर्मचारी विरोधी है और वादा करने के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी जा रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस आंदोलन के दौरान कोई भी अशांति होती है तो उसकी जिम्मेवारी हरियाणा सरकार की होगी। कवंर सिंह यादव ने कहा कि 18 सितंबर को हरियाणा सरकार के साथ हरियाणा कर्मचारी महासंघ की बातचीत हुई थी और उसमें 12 मांगों को मान लिया गया था।

सरकार ने कहा था कि इन मांगों की घोषणा 1 नवंबर को हरियाणा डे पर करेंगे लेकिन हरियाण डे पर सरकार की ओर से ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गई। जिससे यह तय हो गया है कि यह सरकार कर्मचारी विरोधी है और वादा करने के बाद निभाना नहीं जानती।