
नई दिल्ली: भारत में 99 रुपये प्रति माह पर एप्पल टीवी प्लस सब्सक्रिप्शन की घोषणा के साथ कंपनी ने सभी ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेयर को चिंता में डाल दिया है, लेकिन जब तक कंपनी देश के इकोसिस्टम के हिसाब से खुद को मजबूत नहीं कर लेती तब तक इससे सही माइनों में असल खिलाड़ी जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और यहां तक कि घरेलू स्ट्रीमिंग सर्विस को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
वर्तमान में एप्पल टीवी प्लस, नौ ओरिजनल कन्टेंट स्ट्रीमिंग प्रदान करता है, जो कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध क्रिऐटिव आर्टिस्ट में से हैं। इसे 1 नवंबर को एप्पल टीवी ऐप पर उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी के खुद के डिवाइस आईफोन, आईपैड और मैक के अलावा एप्पल टीवी प्लस स्ट्रीमिंग को एप्पल टीवी ऐप के माध्यम से कुछ चुनिंदा डिवाइस में भी देखा जा सकेगा, जिसमें सैमसंग स्मार्ट टीवी और अमेजन फायर टीवी, एलजी और सोनी प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं।
भारतीयों के घरों में जाने के लिए और अपनी छाप छोड़ने के लिए कंपनी को चाहिए कि वह अधिक संख्या में अपने डिवाइस बेचे और अधिक संख्या में देशी कन्टेंट तैयार करे। भारत में जो लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उनकी संख्या में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इसमें सबसे बड़ा योगदान रिलायंस जियो का रहा है। 2016 में जहां 20 करोड़ 34 लाख लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे वहीं उम्मीद की जा रही हैं कि 2021 में यह आंकड़ा 50 करोड़ 36 लाख तक हो जाएगा। रिपोर्ट की माने तो भारत में इंटरनेट यूज करने वाले प्रत्येक नए 10 व्यक्ति में से नौ, भारतीय भाषाओं में कार्यक्रम देखना और सुनना पसंद करते हैं।
Published on:
16 Sept 2019 04:07 pm
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