
2 मई से 6 नवंबर तक मंगल , मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सामान्य तौर पर मंगल एक ही राशि में लगभग 45 दिनों तक गोचर करते हैं। लेकिन पहले मार्गी, फिर वक्री और फिर से मार्गी होने के कारण मंगल इस बार 6 महीने से अधिक समय तक मकर राशि में हैं। अब बात आती है कि 6 महीने के इस गोचर का मकर राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। तो हम आपको बता दें कि मकर राशि में मंगल उच्च के हो जाते हैं, यानी इनके फल देने की क्षमता बढ़ जाती है। इस राशि में मंगल केतु के साथ मिलेंगे, जो कि पहले से ही मकर राशि में मौजूद हैं।
तो चलिए जानते हैं कि आखिर मंगल के मकर राशि में गोचर होने से विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा-------
मेष - इस राशि में मंगल का गोचर दसवें स्थान पर होगा। चूंकि मकर में मंगल उच्च के होते हैं, इसलिए यदि आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति शुभ है, तो आपको शुभ समाचार मिलेंगे। आपकी नौकरी, व्यापार, व्यवसाय में विस्तार होगा। इसके अलावा यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं तो यह समय उसके लिए बिल्कुल शुभ है।
वृषभ - वृषभ राशि में मंगल का गोचर नौवें भाव में रहेगा। इस परिवर्तन से वृषभ राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलेगा। धर्म-कर्म की ओर मन आकृष्ट होने के साथ ही लंबी यात्राओं के योग बन सकता है।
मिथुन - आपकी राशि में मंगल का गोचर आठवें भाव में होगा, जो आपके लिए बहुत शुभ नहीं माना जा रहा है। इस दौरान आप अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा। शत्रुओं से सावधान रहें।
कर्क - मंगल का गोचर आपकी कुंडली में सातवें भाव में रहेगा। मंगल की यह स्थिति मिश्रित परिणाम देगी। आपको कार्यस्थल में अच्छे नतीजे मिलेंगे। संतान पक्ष के लिए अनुकूल परिणाम मिलेंगे। साथ ही पत्नी के साथ संबंधों में तनाव हो सकता है।
सिंह - मंगल का गोचर आपकी कुंडली में छठवें भाव में रहेगा। इस अवधि में दूर की यात्रा में परेशानी हो सकती है। व्यय बढ़ सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य में विशेष ध्यान रखें। ऋण की परेशानी दूर होगी और शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
कन्या - मंगल का गोचर पांचवें भाव में होगा। इस दौरान आप कम दूरी की यात्राएं कर सकते हैं। साथ ही यदि आपके छोटे भाई हैं, तो उनसे मदद मिल सकती है। हालांकि आय को लेकर सही समय नहीं है, इस में कुछ कटौती हो सकती है। वाद विवाद से बचें।
तुला - तुला राशि में मंगल का गोचर चौथे भाव में रहेगा। इस राशि वाले जातको को चाहिए कि वे क्रोध में नियंत्रण रखें। यह ग्रह परिवर्तन आपके लिए शुभ है, इसलिए आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
वृश्चिक - मंगल का गोचर तीसरे भाव में शुभ रहेगा। कार्यस्थल पर बेहतर कार्य करेंगे। पराक्रम अधिक रहेगा और शत्रुओं पर विजय मिलेगी। काम में मन लगा रहेगा। छोटे भाइयों से मदद मिलेगी। मान-सम्मान बढ़ने के भी योग हैं।
धनु - मंगल का गोचर दूसरे भाव में रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। परिवार के सदस्यों से बनाकर चलें। वाहन चलाने में सावधानी रखें। अचानक कुछ खर्चे हो सकते हैं।
मकर - मंगल का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है। भूमि या भवन खरीदने के योग बनेंगे। रुके हुए काम बनेंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और क्रोध पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाने में थोड़ी सावधानी बरतें।
कुंभ - मंगल का गोचर 12वें भाव में रहेगा। इस दौरान विशेष सावधानी बरतें साथ ही फिजूल खर्ची से बचें। यदि कुंडली में विदेश यात्रा के योग हैं, तो इस काम में तेजी आएगी। छोटी यात्राओं के योग बन सकते हैं।
मीन - मंगल का गोचर 11वें भाव में रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। भाग्य आपके साथ है, इसलिए आय के नए स्रोत बन सकते हैं। यात्रा के योग बनेंगे और आय के योग बनेंगे।
Published on:
02 May 2018 06:48 pm
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