भाग्य के कारक शुक्र का वृषभ में गोचर, इस खास शुभ घड़ी में ये 4 राशियां हो जाएंगी मालामाल

जानिये शुक्र के इस परिवर्तन का सभी 12 राशियों में असर... effect on all 12 zodiac signs

By: दीपेश तिवारी

Published: 27 Mar 2020, 02:43 PM IST

राक्षसों के गुरु व भाग्य के कारक शुक्र 28 मार्च, 2020, शनिवार की दोपहर 15:36 बजे अपनी स्वराशि वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र के गोचर का प्रभाव सभी बारह राशियों पर देखने को मिलेगा।

ऐसे समझें शुक्र को...
वैदिक ज्योतिष में भाग्य के कारक ग्रह शुक्र को कुंडली में नवम भाव का स्वामी माना जाता है। इसे देवताओं के गुरु बृहस्पति की तरह राक्षसों का गुरु माना जाता है। जीवन में सभी प्रकार के सुख और सुविधाओं का कारक और भौतिक सुखों का प्रदाता शुक्र का सप्ताह में दिन शुक्रवार माना गया है। इस दिन की कारक देवी मां लक्ष्मी होती हैं। वहीं शुक्र का रत्न हीरा व रंग गुलाबी माना गया है।

शुक्र से राशियों का संबंध...
शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और तथा सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं।

MUST READ : नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ सभी रोगों से बचाने के साथ ही देगा विशेष फल

https://m.patrika.com/amp-news/astrology-and-spirituality/navratra-festivity-gives-heavy-positivity-to-you-with-durga-saptshati-5935616/

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार शुक्र के गोचर के दौरान चूंकि वृषभ राशि एक पृथ्वी तत्व राशि है और शुक्र की अपनी राशि है। ऐसे में इनके संयोग की वजह लोगों में सुखों की अभिलाषा बढ़ेगी और वे इस दिशा में मेहनत भी करेंगे। वहीं यदि देश की कुंडली देखी जाए तो शुक्र का ये गोचर भारत के लिए अच्छा सिद्ध होगा। जबकि सभी 12 राशियों पर इसका खास असर पड़ेगा।


शुक्र के वृषभ राशि में गोचर का आपकी राशि पर प्रभाव:—

1. मेष राशि
इस दौरान शुक्रआपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेंगे। दूसरे भाव को संपत्ति का कारक माना जाता है, लेकिन यह आपके दूसरे भाव के साथ साथ साथ सातवें भाव के भी स्वामी हैं।

प्रभाव: ऐसे में शुक्र के इस गोचर से आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आपको अच्छा खासा धन लाभ होगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। व्यापार के माध्यम से भी आप को अच्छा लाभ होगा और आपका व्यापार मजबूती से आगे बढ़ेगा।

मेष राशि

आपकी वाणी में आकर्षण की बढ़ोत्तरी होगी, जिससे आप अपने आसपास के सभी लोगों को लुभाने में कामयाब रहेंगे, साथ ही आपके सामाजिक स्तर में बढ़ोतरी होगी। इस समय आपके द्वारा अच्छे वस्त्र और ज्वेलरी के अलावा कोई नया गैजेट खरीदने की संभावना भी बन रही है। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपके जीवनसाथी से भी आपको अच्छे सुख और लाभ की प्राप्ति होगी।
कुल मिलाकर यह गोचर समाज में आपको अच्छा मान सम्मान दिलवाने के साथ ही आपके लिए लाभ के मार्ग खोल देगा।

: वहीं इस गोचर के प्रभाव से आपके भोग विलास में वृद्धि होगी, जिस पर आपको नियंत्रण रखना होगा। अन्यथा यह किसी प्रकार की शारीरिक समस्या को जन्म दे सकता है।

उपायः शुक्रवार के दिन शिवलिंग पर चावल अर्पित करें।

2. वृषभ राशि
शुक्र का यह गोचर आपकी ही राशि में यानि प्रथम भाव में हो रहा है। आपकी ही राशि के स्वामी का लग्न में गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपकी ही राशि के साथ साथ आप के छठे भाव के स्वामी भी है।

वृषभ राशि

प्रभाव: इस गोचर के दौरानव्यापार के मामले में किए गए आपके प्रयास काफी सफल रहेंगे और इस समय में आपको अपने बिज़नेस से संबंधित कुछ अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और आप किसी भी प्रकार की सुंदरता के प्रति आकर्षित होंगे। आप के रिश्ते में अंतरंग पलों की बढ़ोतरी होगी और रिश्ते में नज़दीकी बढ़ेगी। यदि आप शादीशुदा हैं, तो इस दौरान आपके अंतरंग संबंधों में बढ़ोतरी होने की संभावना रहेगी।

इस गोचर काल में दांपत्य जीवन में शुक्र के इस गोचर का सकारात्मक परिणाम पड़ेगा और आपके रिश्ते में पड़ी दरार खत्म होने लगेगी। आपको एक बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि महिलाओं का सम्मान करें और उनके खिलाफ कटु वचन ना बोलें, अन्यथा आपको हानि हो सकती है। इस दौरान आपका मन वाद-विवाद में काफी लगेगा, लेकिन आपको इससे बचना होगा।

अपने विरोधियों से थोड़ा सावधान रहें क्योंकि वे आप की छवि को खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान आपके स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी, खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा।

उपायः ज्योतिष के किसी अच्छे जानकार से चर्चा के बाद उत्तम गुणवत्ता वाला ओपल रत्न धारण करना सर्वोत्तम रहेगा।

3. मिथुन राशि
गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि से बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे। इसे व्यय भाव भी कहते हैं। इसके अलावा आपके लिए शुक्र पांचवे भाव के साथ ही बारहवें भाव का स्वामी भी है।

मिथुन राशि

प्रभाव : शुक्र के इस गोचर से आपको आमदनी में भी इजाफा होगा। आप कला के क्षेत्र में सात समुंदर पार की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा आपको इस समय काल में अच्छी और मीठी नींद का लाभ मिलेगा। आप जी भर कर चैन की नींद लेंगे, जिससे शारीरिक रूप से आराम मिलेगा। इसके अलावा इस समय शिक्षा के उद्देश्य से विदेश जाने की कल्पना साकार हो सकती है। आपकी खुशी चरम पर होगी।

इस समय ज्यादा भोग विलास की आदत आपको शारीरिक क्षति पहुंचा सकती है,इसलिए आपको नियंत्रण रखना होगा। आपके खर्चों में अचानक से ही अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिलेगी।

इस भाव में गोचर के कारण, आपकी संतान इस समय में आपसे कुछ आवश्यक खर्च करवा सकती है। अर्थात आपको उनके लिए कुछ बड़ा खर्चा करना पड़ेगा।अपने विरोधियों से इस समय आपको सावधान रहना होगा क्योंकि वे आप की छवि को बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।

उपायः प्रतिदिन गौ माता को गौ ग्रास खिलाएं।

4. कर्क राशि
इस समय शुक्र का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा, एकादश भाव को आय भाव भी कहा जाता है।व हीं आपके लिए शुक्र चतुर्थ और एकादश भाव का स्वामी है।

कर्क राशि

प्रभाव : यह आपके लिए शानदार समय है,इस गोचर काल में एकादश भाव यानि आय भाव में शुक्र की उपस्थिति आपको धनवान बनाएगी और लक्ष्मी की प्राप्ति करवाएगी। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। व्यापार के सिलसिले में आपको बेहतरीन नतीजे प्राप्त होंगे और आपका बिज़नेस एक्सपेंड होगा। प्रॉपर्टी के मामले में आपको लाभ होगा और किसी प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम भी हो सकती है।

आपके ऑफिस में आपके बॉस और वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंध काफी बढ़िया बनेंगे, जिसकी बदौलत आपका काम बेहतर तरीके से चलेगा। इसके साथ ही आपके अच्छे लोगों से संपर्क जुड़ेंगे। समाज के बढ़िया लोगों से आप का तालमेल बैठेगा और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा। आपके प्रेम जीवन के लिए भी यह गोचर काफी फ़ायदेमंद साबित होगा और इस दौरान आप अपने प्रियतम के साथ प्रेम जीवन को काफी अच्छे समय में पाएंगे और आपके बीच की अं
डरस्टैंडिंग बेहतर बनेगी।

वृषभ राशि में शुक्र का गोचर आपको अपनी अभिलाषाओं की पूर्ति करने में सहायक बनेगा। लंबे समय से अटकी हुई आपकी इच्छाएं पूरी होने लगेंगी, जिससे आपको खुशी होगी। केवल इतना ही नहीं, शिक्षा के क्षेत्र में भी आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे और आपका शैक्षिक स्तर बढ़िया होगा। अगर आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान इस दौरान प्रगति करेगी और उससे आपको संतुष्टि प्राप्त होगी।

उपायः शुक्रवार के दिन श्री सूक्त का पाठ करें।

5. सिंह राशि
इस समय शुक्र का गोचर इस राशि के लोगों के लिए दशम भाव में होगा, दशम भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है। इसके अलावा शुक्र आपके लिए तीसरे तथा दशम भाव के स्वामी हैं।

सिंह राशि

प्रभाव : इस समय में आपका करियर छलांगे मारेगा और आप उन्नति के शिखर की ओर आगे बढ़ेंगे। वहीं दशम भाव में शुक्र का गोचर आपके काम में तरक्की लेकर आएगा, क्योंकि यहां शुक्र स्वराशि का है और आप अपने काम में बेहतरी के लिए और अच्छे सम्मान के लिए आप खूब मन लगाकर मेहनत करेंगे।

इस समय पिता का भी पूर्ण रूप से आपको सहयोग मिलेगा और परिवार में कोई नया सुख सुविधा का साधन आ सकता है। वहीं पारिवारिक जीवन में ख़ुशियों की बढ़ोतरी के साथ ही परिवार में कोई नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने के योग बनेंगे। आपस में लोगों का सामंजस्य बढ़िया रहेगा और आपके काम में आपके भाई बहन भी हाथ बंटायेंगे।

इस दौरान शुक्र की प्रकृति के अनुसार आपको किसी भी प्रकार की गॉसिप या बहस बाजी से बच कर रहना होगा, क्योंकि ऐसे मामलों में आप की संलिप्तता आपके विरुद्ध जा सकती है। जिसके चलते आप के वरिष्ठ अधिकारी आपसे नाराज हो सकते हैं।

उपायः शुक्र की अनुकूलता पाने के लिए माता महालक्ष्मी की उपासना करें।

6. कन्या राशि
इस समय शुक्र का गोचर कन्या राशि के लोगों के लिए नवम भाव में होगा। नवम भाव को भाग्य भाव भी कहा जाता है, वहीं भाग्य भाव का स्वामी भी शुक्र ही कहलाता है। वैसे भी शुक्र देव आपके नवम भाव के स्वामी होने के साथ ही दूसरे भाव के भी स्वामी हैं।

कन्या राशि

प्रभाव: इस गोचर काल में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और उसकी वजह से आपके सारे रुके हुए काम बनने शुरू हो जाएंगे। आपके धन की उत्तरोत्तर वृद्धि होगी और आप लक्ष्मीवान बनेंगे। धन प्राप्ति की राह खुलेगी और जहां कहीं आपका धन अटका हुआ था, वह भी अब वापस आने लगेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपकी नौकरी में स्थानांतरण के योग बनेंगे, जो आपके हित में हों और आपको अच्छा लाभ मिलेगा।

व्यापार की दृष्टि से यह गोचर अधिक मेहनत के बाद अच्छी सफलता देने वाला साबित होगा।आप की सामाजिक स्थिति भी बेहतर बनेगी। इस गोचर काल में आपके छोटे भाई बहनों को भी अच्छा लाभ मिलेगा और उनके कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी। किसी छोटे भाई बहन के (यदि शादी योग्य है तो) विवाह की शहनाइयां घर में बज सकती हैं।

उपायः आप छह मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

7. तुला राशि
शुक्र आपकी राशि के स्वामी भी हैं। इस गोचर काल में वह आपके अष्टम भाव में अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। अष्टम भाव को आयु भाव भी कहा जाता है।

तुला राशि

प्रभाव: करियर के मामले में यह गोचर आपके लिए अच्छा साबित होगा और आपको अपने आप को सिद्ध करने का मौका मिलेगा। वहीं अष्टम भाव का स्वामी अष्टम भाव में जाने से विशिष्ट गुण प्रदर्शित होंगे, जिसकी वजह से आपको अचानक से अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे और अप्रत्याशित रूप से धन लाभ होने के योग बनेंगे।

इस समय अनचाही यात्राएं भी आपको लाभ देंगी। इस गोचर काल में आपकी सुख भोगने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और आप खूब मन लगाकर मेहनत करेंगे और स्वयं को श्रेष्ठता की ओर लेकर बढ़ेंगे। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा।

स्वास्थ्य को लेकर ध्यान रखें, यानि कि अनियमित खान पान की वजह से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं आ सकती हैं।

उपायः शुक्र ग्रह के मंत्र "ॐ शुं शुक्राय नमः" का नियमित जाप करें।

8. वृश्चिक राशि
गोचर के दौरान शुक्र आपके सप्तम भाव में रहेंगे। सप्तम भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। वहीं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि आपके सप्तम भाव का स्वामी शुक्र अपने ही भाव में वापस आएगा। इसके अलावा शुक्र आपके बारहवें भाव का स्वामी भी है।

वृश्चिक राशि

प्रभाव : शुक्र के इस गोचर के चलते इंपोर्ट एक्सपोर्ट का कारोबार करने वाले व्यापारियों को जबरदस्त लाभ के योग बनेंगे। यदि आप कोई नया बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो उस सिलसिले में भी इस समय में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। विदेशी माध्यमों से लाभ होगा। आप आकर्षक बनेंगे और आपको समाज में अच्छा सम्मान भी मिलेगा।

आपके दांपत्य जीवन में सुखों की बरसात होने लगेगी। यदि आपके रिश्ते में कोई तनाव चला आ रहा था तो उस से मुक्ति मिलेगी और आप दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ेंगी। प्रेम की वृद्धि होगी और इस रिश्ते को बेहतर बना पाएंगे। इस समय में आपका स्वास्थ्य मजबूत होगा। आपके व्यक्तित्व में सुधार आएगा। वहीं इस दौरान आप अपने जीवन साथी पर काफी खर्च भी करेंगे।

उपायः विशेष लाभ के लिए कुबेर मंत्र का जाप करें।

9. धनु राशि
इस समय आपकी राशि से छठे भाव में शुक्र का यह गोचर रहेगा, छठे भाव को शत्रु व रोग भाव भी कहते हैं। शुक्र आप के छठे भाव के साथ साथ आप के ग्यारहवें भाव का स्वामी भी है। ऐसे में वह अपनी ही राशि में होगा।

धनु राशि

प्रभाव: शुक्र की गोचर की यह स्थिति अधिक अनुकूल नहीं मानी जाती, इस समय में आपके विरोधी भी मजबूती से खड़े होंगे। वे आपकी छवि को बिगाड़ने का पूरा प्रयास करेंगे, इसलिए आपको थोड़ा सावधान भी रहना होगा। वहीं इस दौरान आपको शारीरिक परेशानियां घेर सकती हैं। वहीं अपनी आकांक्षाओं की पूरा करने के लिए आपको अत्यधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

स्वास्थ्य में भी गिरावट आ सकती हैं। जल अथवा जल जनित बीमारियों से परेशानी होने की संभावना रहेगी।इसके साथ आपकी आमदनी में गिरावट भी दर्ज हो सकती है। उचित होगा इस समय वाद विवाद में न पड़े।

अपने चारों ओर महिलाओं का विशेष रूप से सम्मान करें क्योंकि शुक्र का गोचर यदि अनुकूल ना हो तो महिलाओं से वाद विवाद के कारण हानि को दर्शाता है।

उपायः शुक्रवार के दिन चीनी और चावल का दान करें।

10. मकर राशि
इस गोचर काल में शुक्र आपसे पांचवें भाव में प्रवेश करेगा। पंचम भाव बुद्धि व पुत्र का भाव माना जाता है। वहीं आपकी राशि के लिए शुक्र का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आपके लिए योगकारक ग्रह है। यह आपके लिए बहुत अनुकूल स्थान है और शुक्र अपनी ही राशि में होने से काफी मजबूत भी रहेगा।

 मकर राशि

प्रभाव: इस गोचर के प्रभाव से आपकी आमदनी बढ़ेगी। शिक्षा के क्षेत्र में आपको अभूतपूर्व नतीजे मिलेंगे और यह आप को उपलब्धियां प्राप्त करने का समय हो सकता है। इसके अलावा आप की गणना विद्वानों में होने लगेगी। इस समय में आपको अपनी नौकरी में कुछ बदलाव करने के बारे में विचार करने का मौका मिलेगा और जो लोग नौकरी छोड़ चुके हैं या जिनकी नौकरी चली गई है, उन्हें इस समय खंड में नई नौकरी मिल सकती है। व्यापार के लिए यह समय बहुत फ़ायदेमंद रहेगा।

यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान के लिए यह समय बहुत अनुकूल रहेगा। कुछ लोगों को इस समय में संतान प्राप्ति हो सकती है और कुछ लोगों को संतान से सुख मिल सकता है। आपके मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। आपको शिक्षा में अच्छे नतीजे मिलेंगे और आप जीवन पथ पर उन्नति की ओर अग्रसर होंगे। आपके प्रेम संबंधों में खुशी भरे पल आएंगे। आप अपने प्रियतम से मन की बातें करेंगे और आपके बीच अंतरंग संबंधों की बढ़ोतरी होगी। आपका प्यार परवान चढ़ेगा।

उपायः किसी ज्योतिष के जानकार की सलाह के बाद ही उत्तम गुणवत्ता वाला ओपल रत्न पहनें।

11. कुंभ राशि
इस गोचर काल में शुक्र आपसे चौथे भाव में प्रवेश करेगा। चतुर्थ भाव को माता या सुख का भाव भी कहते हैं। इसके अलावा शुक्र आपके भाग्य स्थान अर्थात नवम भाव का स्वामी भी है।

कुंभ राशि

प्रभाव: यह गोचर आपके जीवन में सुख और शांति लेकर आएगा और अनेक प्रकार के सुखों की प्राप्ति होगी। इस गोचर के अनुकूल प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में भी बेहतर नतीजे मिलेंगे। आप अपने करियर में आगे बढ़ेंगे और आपके काम को मान सम्मान के साथ-साथ प्रशंसा भी मिलेगी। वहीं जो लोग विदेश गए हुए हैं, उन्हें इस दौरान घर वापस लौटने की संभावना बनेगी।

इसके चलते भाग्य में बढ़ोतरी होगी और भाग्य में प्रबलता के चलते इस समय में आप कोई खूबसूरत मकान बना सकते हैं या फिर आप कोई बढ़िया वाहन खरीद सकते हैं। यदि आपने कोई प्रॉपर्टी में निवेश किया है तो इस समय में आपको उस से लाभ मिल सकता है।

उपायः शुक्र का विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए छह मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

12. मीन राशि
इस दौरान शुक्र आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा। तीसरे भाव को पराक्रम व भाइयों का भी भाव कहते हैं। शुक्र आपकी राशि के लिए तीसरे और आठवें भाव का स्वामी है।

मीन राशि

प्रभाव : यात्राओं के लिए यह अच्छा समय रहेगा। यात्राओं से आपको कोई अच्छा लाभ भी मिल सकता है और किसी खास व्यक्ति से मिलने का मौका भी मिलेगा। इसके अलावा आपकी आमदनी जरूर बढ़ेगी और आपके भाई बहनों को इस दौरान कुछ अच्छा खासा लाभ मिल सकता है, जिससे वे काफी प्रसन्न होंगे। वहीं इस समय काल में आप अपनी किसी हॉबी को आजमाएंगे और कला के क्षेत्र में कुछ नया करने का प्रयास करेंगे और यदि आप ऐसा करते हैं तो वास्तव में आप को उसके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे आपका मान बढ़ेगा।

यह गोचर आपके लिए अधिक अनुकूलता की ओर इशारा नहीं कर रहा है, इसलिए इस गोचर के दौरान थोड़ी सावधानी बरतें, विशेषकर अपने स्वास्थ्य को लेकर। इस अवधि में आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है और आप बीमार हो सकते हैं। इसके अलावा आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और आपको अपने काम में विशेष रूप से अपने साथ काम करने वाले लोगों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा।

उपायः शुक्रवार के दिन किसी मंदिर में जाकर श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं।

MUST READ : 28 मार्च से कम हो जाएगा कोरोना का प्रभाव! ये हैं देवीय उपाय

https://m.patrika.com/amp-news/astrology-and-spirituality/big-claim-on-corona-virus-ending-date-5929102/

कुंडली में शुक्र का प्रभाव
शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना जाता है, ऐसे में यदि शुक्र कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है।

शुक्र के प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है।

बली शुक्र - बली शुक्र व्यक्ति के वैवाहिक जीवन को सुखी बनाता है। यह पति-पत्नी के बीच प्रेम की भावना को बढ़ाता है। वहीं प्रेम करने वाले जातकों के जीवन में रोमांस में वृद्धि करता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है वह व्यक्ति जीवन में भौतिक सुखों का आनंद लेता है। बली शुक्र के कारण व्यक्ति साहित्य एवं कला में रुचि लेता है।

पीड़ित शुक्र - पीड़ित शुक्र के कारण व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती हैं। पती-पत्नि के बीच मतभेद होते हैं। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है और वह भौतिक सुखों के अभाव में जीता है। यदि जन्म कुंडली में शुक्र कमज़ोर होता है तो जातक को कई प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित शुक्र के प्रभाव से बचने के लिए जातकों को शुक्र ग्रह के उपाय करने चाहिए।

MUST READ : जानिये क्या कहता है हिन्दू कैलेंडर, ये होगा ग्रहों का प्रभाव

https://m.patrika.com/amp-news/astrology-and-spirituality/hindu-calendar-astrology-for-nav-samvatsar-2077-5933062/

MUST READ : आदि ग्रंथों में है कोरोना महामारी की भविष्यवाणी, इसी में दिए हैं इससे बचाव के तरीके

https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/prediction-of-corona-epidemic-is-in-hindu-texts-know-how-to-avoid-it-5925086/
Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned