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आज इन मुहूर्त में करें कोई भी काम, सफलता अवश्य मिलेगी

शतभिषा ‘चर व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र सायं ४.३७ तक, तदुपरान्त पूर्वाभाद्रपद ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है।
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जयपुर

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Sunil Sharma

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Updated: 27 Nov 2017, 9:34 AM IST

aaj ka muhurat

हर्षण नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि १.a५८ तक, इसके बाद वज्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। वज्र नामक योग की प्रथम तीन घटी शुभ कार्यों में वर्जित है। विशिष्ट योग: आज सायं ४.३७ से रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। रवियोग- तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारंभ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। करण: बव नामकरण पूर्वाह्न ११.०३ तक, इसके बाद बालवादि करण हैं।

aaj ka muhurat

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ८.१८ तक अमृत, प्रात: ९.३७ से १०.५६ तक शुभ तथा दोपहर बाद १.३३ से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५३ से १२.३५ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

राहुकाल: प्रात: ७.३० से ९.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।