
होशंगाबाद/सिवनीमालवा. होशंगाबाद जिले के सिवनीमालवा से निकले स्टेट हाइवे पर नर्मदा के आंवलीघाट पर 39 करोड़ 56 लाख की लागत से तैयार हुए ओवरब्रिज पर पैदल व दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। जल्द ही उद्घाटन के बाद भारी वाहन इस ब्रिज से निकल सकेंगे। ब्रिज कार्पोरेशन के मुताबिक आंवलीघाट पर बना यह पुल 630 मीटर लंबाई का है। चौड़ाई सोल्डर सहित दस मीटर है। यह पुल हरदा और सीहोर दो जिलों को एक साथ जोड़ रहा है। नया पुल सलकनपुर से धरमकुंडी (होशंगाबाद) मार्ग को जोड़ रहा है। आंवलीघाट, धमरकुंडी होते हुए हरदा-खंडवा आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। इसके बनने से खंडवा और सलकनपुर होते हुए भोपाल जाने की राह आसान हो गई है।
पहले लगाना पड़ता था 70 किमी. ज्यादा का सफर
ब्रिज बनने से पहले हरदा-खंडवा से होशंगाबाद और भोपाल आने के लिए एक से डेढ़ घंटे का ज्यादा सफर करना पड़ता था। अब जब ब्रिज बनकर तैयार हो गया है तो भोपाल-बैतूल भी इसी मार्ग से जा सकेंगे। आंवलीघाट पुल से सलकनपुर-धरमकुंडी मार्ग का एक छोर होशंगाबाद जिले से जुड़ता है तो दूसरा छोर सीहोर जिले को जोड़ता है। इस पुल के न होने से सीहोर व होशंगाबाद (सिवनीमालवा) के बीच का यातायात बुधनी होते हुए करना पड़ता था। जिससे करीब 70 किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी। इस पुल के बनने से अब सलकनपुर मंदिर की दूरी करीब 10 किमी रहेगी। पहले धमरकुंडी से होशंगाबाद आना पड़ता था, फिर सलकनपुर जाना पड़ता था। इसमें दो घंटे लगते थे, पुल पर से आवागमन में एक घंटे की बचत हो जाएगी। हरदा से भोपाल जाने में भी एक घंटे की बचत होगी। खंडवा से भोपाल जाने के लिए सतवासा, आष्टा सीहोर से सीधे भोपाल पहुंचा जा सकेगा।
अब यादों में रहेगा टाइटेनिक
आंवली घाट पर ब्रिज बनने के पहले बड़ी नाव (टाइटेनिक) चलती थी। जिसमें भारी वाहनों के साथ एक बार में सैकड़ों यात्री नदी को पार करते थे। क्षेत्र के पूर्व सरपंच ठेकेदार लखन कीर ने बताया कि बरसों से वह हजारों श्रद्धालुओं को नर्मदा के पार पहुंचा चुके हैं। लेकिन आज तक कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। ब्रिज शुरू होना क्षेत्र के लिए एक उपलब्धि है।
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Published on:
13 Dec 2020 09:23 pm
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