
PM Cares पीएम केयर में नन्हे अभिराज का यह दान बन रहा कर्इयों के लिए नजीर
होशंगाबाद। कोरोना(Corona) के दौर ने जीवन में सामाजिक संबंधों, सेवा के कई रुपों से हमारा सामना कराया है। कई बार तो बच्चे कुछ ऐसा कर गुजरते हैं जो सामाजिक रिश्तों में आ रहे दुराव, सेवा पर भारी पड़ते स्वार्थ को बढ़ावा देने वालों को आइना दिखाने वाला साबित होता है। कोरोना महामारी के दौरान नन्हे अभिराज का योगदान भी कई मायनों में खास होने के साथ नए भारत की तस्वीर होने की तस्दीक कर रहा।
होशंगाबाद (Hoshangabad) के हनुमाननगर रसूलिया (hanumannagarm Rasuliya)के अनिल कुमार सैनी (Anil Kumar Saini) के आठ वर्षीय बेटा अभिराज सैनी (Abhiraj Saini) का आज दो मई को जन्मदिन है। क्लास टू से तीसरी कक्षा में प्रोन्नति करने वाले अभिराज ने जन्मदिन के पहले अपने पापा अभिराज को एक निर्णय सुनाया। आठ साल के बेटे की बात सुन अनिल अवाक रह गए। हो भी क्यों नहीं। किसी भी बच्चे के लिए उसका जन्मदिन सेलिब्रेशन बेहद खास होता है लेकिन अभिराज ने जन्मदिन मनाने से मना कर दिया।
नन्हा अभिराज जन्मदिन न मनाने के निर्णय को साझा करते हुए बताता है कि कोरोना महामारी से पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है तो मैं भी उस लड़ाई में अपना योगदान देना चाहता हूं। उसने बताया कि उसने पापा से अपने जन्मदिन पर होने वाले धन को कोरोना रोकथाम के लिए दान देने की इच्छा जताई।
अभिराज के पिता अनिल कुमार सैनी अपने बेटे की बात सुनकर बेहद खुश हुए। उन्होंने बेटे के हाथ में 1100 रुपये सौंपे। फिर बेटे को लेकर खुद एसबीआई (State bank of India)की शाखा में गए। वहां यह धनराशि पीएम केयर(PM Cares) में जमा कराने में बेटे की मदद की। अभिराज जमा रसीद पाकर बेहद खुश है।
उधर, अब जो कोई भी इस नन्हें मददगार के बारे में सुन रहा वह इसे आशीर्वाद देने में देर नहीं कर रहा।
दरअसल, कोरोनो से निपटने के लिए हर ओर सहायता की आवश्यकता है और यह सिर्फ सरकार के स्तर पर संभव नहीं है। समाज का एक बहुत बड़ा तबका भूख की चपेट में है। आने वाले समय में यह तस्वीर और भयावह हो सकती है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जो सक्षम है वह अपने लिए इंतजाम करने के साथ समाज के लिए भी मदद को आगे आए। लेकिन तमाम ऐसे लोग हैं जो न तो अपनी शाहखर्ची पर लगाम कस पा रहे हैं और सक्षम होने के बाद भी किसी की मदद तक को आगे नहीं आ रहे। ऐसे लोगों के लिए नन्हा अभिराज की पहल सीख बन सकती है।
बहरहाल, कबीर भी तो कहते हैं...
‘प्रीत रीत सब अर्थ की, परमारथ की नाहि, कहे कबीर परमारथी, बिरला कोई कलि माहि।’
by: Devendra Awadhiya
Updated on:
2 May 2020, 6:28 PM IST
Published on:
2 May 2020, 6:23 PM IST
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