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जानिए कोरोना महामारी में कैसे हो रही अस्पतालों में डिलेवरी, यहां सात बच्चों की किलकारी से गूंज उठा अस्पताल

Fight against Coronaमहामारी से बचाव के लिए लाॅकडाउन (Lockdown) में सात नवजात को विशेष देखरेख में रखा जा रहा
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होशंगाबाद

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 3 Apr 2020, 12:32 PM IST

जानिए कोरोना महामारी में कैसे हो रही अस्पतालों में डिलेवरी, यहां सात बच्चों की किलकारी से गूंज उठा अस्पताल

जानिए कोरोना महामारी में कैसे हो रही अस्पतालों में डिलेवरी, यहां सात बच्चों की किलकारी से गूंज उठा अस्पताल

कोरोना (Corona) के बढ़ते संक्रमण से हर ओर दहशत है। लोगों को घर में ही रहने की नसीहत दी जा रही है। इस बेहद मुश्किल घड़ी के बावजूद अस्पतालों में बच्चों की किलकारियां भी खूब गूंज रही है। होसंगाबाद(Hoshanagabad) के पिपरिया(Pipariya) में बीते दिनों सात घरों का आंगन नवजातों के जन्म के बाद किलकारियों से गुलजार हुआ। अस्पताल में कराए गए इस प्रसव को बेहद सावधानी से कराया गया। डाॅक्टर्स ने नवजातों को दुनिया में लाने के लिए संक्रमण से बचाव खातिर काफी सावधानियां बरती। मुश्किल घड़ी से गुजर रही दुनिया में पहली बार आंख खोलने वाले इन शिशुओं को डाॅक्टर्स विशेष देखरेख में रखे हुए हैं। घरवाले इन बच्चों के जन्म से फूले नहीं समां रहे। सनातनधर्मी इसे मां दुर्गा का वरदान मान रहे तो मुस्लिम इसे खुदा की रहमत।

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पिपरिया अस्पताल (Pipariya Hospital) के बीएमओ (BMO) डाॅ.एके अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में सात बच्चों ने नवरात्रि के अष्ठमी के दिन जन्म लिया। प्रसव के लिए प्रसूता पहले से ही अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। किसी प्रकार का संक्रमण इनके वार्ड में न हो इसलिए पूरे अस्पताल को पहले से ही सैनिटाइज (sanitize) कराया गया था। एक तय अंतराल के बाद लगातार वार्ड व आसपास सैनिटाइज कराया जा रहा है। आने-जाने वालों पर भी विशेष निगरानी के साथ साथ उनको सैनिटाइज कराया जा रहा है। महिला वार्ड में आने वाली नर्स, डाॅक्टर या किसी भी अन्य चिकित्सीय सहायक को भी बिना सैनिटाइज किए आने जाने पर मनाही की गई है।
बीएमओ के मुताबिक प्रसव के दौरान भी किसी प्रकार का संक्रमण न हो इसलिए हर संभव उपाय किए गए हैं।

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बच्चों को जन्म देने वाली मां रानी, ज्योति, प्रीति बताती हैं कि डाॅक्टर ही नहीं वह लोग भी अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए बताए गए सारे जरूरी उपायों का अक्षरशः पालन कर रही हैं। बच्चों के साथ वह लोग अभी अस्पताल में ही हैं। बच्चों को छूने के पहले भी वह लोग सैनिटाइज हो रहे। वे कहती हैं कि नवरात्रि में मां दुर्गा के आशीर्वाद स्वरुप उनके आंगन में किलकारियां गूंजी हैं।
उधर, मां शबाना भी अपनी गोद में बेटी को पाकर बेहद खुश है। बिटिया को सुरक्षित रखने के लिए वह विशेष ध्यान दे रही है। बेटी के जन्म को वह अल्लाह की रहमत बता रहीं। वह कहती हैं कि इस मुश्किल वक्त में उपरवाले ने बेशुमार खुशियों से उनकी गोद को भर दिया है।
बीएमओ डाॅ.एके अग्रवाल बताते हैं कि अभी कुछ दिनों तक इन बच्चों को चिकित्सीय निगरानी में ही रखा जाएगा ताकि किसी प्रकार का संक्रमण न हो।

By: Shakeel Niyazi