कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर माह में ही हरदा, होशंगाबाद व बैतूल जिले के सीएमएचओ एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित कर दिया था कि वे घर-घर जाकर सर्वे करें, आंगनबाड़ी टू आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में अध्ययनरत ह्दय रोग से पीडि़त बच्चों का चिन्हांकन कर लेवे उनके निर्देशो के सुखद परिणाम सामने आए हैं। घर-घर सर्वे एवं आसपास के सर्वे करने पर नर्मदापुरम् संभाग में लगभग 500 ह्दय रोग से पीडि़त बच्चों का चिन्हांकन कर लिया गया है, जिन्हें इलाज की आवश्कता है। इन चिन्हित बच्चो के ह्दय का नि:शुल्क उपचार मुख्यमंत्री बाल ह्दय योजना के तहत जनवरी माह में किया जाएगा।