नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली जिले में अचानक एक बार फिर आई बाढ़ ने बड़ी तबाही मचा दी। जिसने ना जाने कितने लोगों की जाने ले ली। इसी के बीच तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में पानी का बहाव इतनी तेजी से आया कि काफी लोग उसमें फंसे रह गए। फसें हुए लोगों को बचाने के लिए बुधवार को ड्रोन तथा रिमोट सेंसिंग इक्यूपमेंट्स की मदद ली जा रही है। जहां पर हर किसी को अपने लोगों के आने का इंतजार लगा हुआ है लेकिन इन्ही के बीच एक वफादार जानवर भी अपने लापता मालिकों का इंतजार बड़ी ही बेसब्री के साथ 3 दिन से कर रहा है। हर किसी को बेबसी की नजरों से ताकता हुआ यह कुत्ता अपने दर्द को भी बंया कर जाता है। दरअसल यहां प्रोजेक्ट का काम चल रहा था तभी यह कुत्ता इन लोगों के बीच रहकर काम करने वालों लोगों के काफी करीब हो गया था। ये लोग काम के दौरान उसे खाने के लिए देते थे। साथ ही उसकी देखभाल भी करते थे।
आपदा के समय यह कुत्ता यहां मौजूद नहीं था। जब वह लौटा तो यहां का नजारा बिल्कुल बदला हुआ था। वह लोग जो उसे अक्सर दिखाई देते थे वह यहां नहीं थे। ग्लेशियर आपदा में सुरक्षित बचे 34 वर्षीय राजिंदर सिंह ने कहा कि जब हम यहां काम करते थे तो हम उसे खाना देते थे। वह दिन भर यहीं रहता था। शाम को काम खत्म होने के बाद वह भी यहां से चला जाता था।