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Birth Anniversary: जानें एक पत्रकार से Dorabji Tata कैसे बने देश के स्टीलमैन ?

Birth Anniversary: दोराबजी टाटा (Dorabji Tata) का जन्म 27 अगस्त, 1859 को मुबंई में हुआ था। दोराबजी जमशेदजी नौसरवानजी टाटा (Jamsetji Nausarwanji Tata) और हीराबाई के बड़े बेटे थे। देश में स्टील उद्योग (Steel Industry) की शुरुआत टाटा स्टील (Tata Steel) ने की थी।  

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Vivhav Shukla

Aug 28, 2020

Dorabji Tata Birth Anniversary

Dorabji Tata Birth Anniversary

नई दिल्ली। गुरुवार को देशभर में टाटा समूह के दूसरे चेयरमैन (Second chairman of tata group) सर दोराबजी टाटा (Dorabji Tata ) की 161 वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर कई राज्यों में टाटा स्टील द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन करते हुए सर दोराबजी टाटा (Dorabji Tata ) को श्रद्धांजलि दी गई।

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देशभर नें स्टीलमैन (Steelman ) के नाम से मशहूर दोराबजी टाटा (Dorabji Tata) का जन्म 27 अगस्त, 1859 को मुबंई में हुआ था। दोराबजी जमशेदजी नौसरवानजी टाटा (Jamsetji Nausarwanji Tata) और हीराबाई के बड़े बेटे थे। देश में स्टील उद्योग (Steel Industry) की शुरुआत टाटा स्टील (Tata Steel) ने की थी। जिसकी नींव जमशेदजी नौसरवानजी टाटा ने ही रखी थी। साल 1897 में सर दोराबजी की शादी में मेहरबाई से हुई, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं हुई।

साल 1907 में दोराबजी (Dorabji Tata) ने अपने पिता के साथ टाटा स्टील की स्थापना की थी। इसके बाद साल 1911 में टाटा पावर और 1919 में ‘न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी’ को खोला था। ये उस वक्त की सबसे बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी थी।

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बता दें सर दोराबजी ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहते हुए साल 1924 में पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय दल की वित्तीय मदद भी की। इसके अलावा वे बॉम्बे गजट अखबार में दो सालों तक बतौर पत्रकार काम भी किया था। वे साल 1932 में यूरोप गए थे । इसके अगले महीने ही जर्मनी के किसिंग्रन में उनकी मौत हो गई। 73 साल में उन्होंने दुनिया को अलविदा को छोड़ दिया था।