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नई दिल्ली। कोरोना माहमारी के खात्मे के लिए भले ही वैक्सीन तैयार कर ली गई है, लेकिन लोगों के जीवन में इसका असर लंबे समय तक के लिए देखने को मिल सकता है। दरअसल अमेरिका के टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंस सेंटर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ ब्रिटनी केंडेल ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि कोरोना का शिकार हुए लोगों के फेफड़े स्मोकिंग करने वालों के मुकाबले ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने 3 एक्स रे की तस्वीरों को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें खौफनाक सच्चाई देखने को मिली।
डॉक्टर ब्रिटनी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर तीन एक्स रे की तस्वीरें पोस्ट की। इनमें एक तस्वीर कोरोना बीमारी से प्रभावित हो चुके व्यक्ति के फेफड़े, दूसरा धूम्रपान करने वाले और तीसरा एक स्वस्थ व्यक्ति के फेफड़े के एक्स-रे की तस्वीरें शेयर की। तीनों में काफी ज्यादा अंतर देखने को मिला। कोरोना वायरस से उबर चुके शख्स के फेफड़े के एक्स-रे में काफी सफेद धब्बे और धुंधलापन दिखाई दिया। जबकि स्मोकर के फेफड़ों में काले धब्बे नजर आए। जबकि तीसरी तस्वीर में स्वस्थ व्यक्ति के फेफड़े का एक्स-रे बिल्कुल सामान्य दिखाई दिया।
सर्जन का कहना है कि फेफड़ों में हवा के ना जा पाने के कारण कोरोना मरीजों के फेफड़े स्मोकिंग करने वालों के मुकाबले ज्यादा खराब दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर ने चिंता जताई की कोरोना मरीज को भविष्य में सांस फूलने की एवं फेफड़ों संबंधित अन्य परेशानियां हो सकते हैं ऐसे में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अपने फेफड़ों का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।
Published on:
15 Jan 2021 10:41 pm
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