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Coronavirus से बचने के लिए सबको संक्रमित कर दो! दुनियाभर में ‘प्लान B’ पर छिड़ी बहस

-Coronavirus: विशेषज्ञों का मानना है कि जितने ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित होंगे, इंसान के शरीर में उतनी ही इस वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोध क्षमता यानी हर्ड इम्युनिटी ( Herd immunity ) विकसित होगी और कोरोना ( COVID-19 ) को काबू किया जा सकेगा।-विशेषज्ञों और डॉक्टरों में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हैं कि लॉकडाउन ( Lockdown ) और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना का इलाज नहीं है, बल्कि एक तात्कालिक बचाव है।

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coronavirus plan b of herd immunity for end of covid-19 infected all

नई दिल्ली
Coronavirus: कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) सबसे कारगर हथियार के रूप में सामने आया है। इसे बरकरार रखने के लिए कई देशों में लॉकडाउन ( Lockdown ) किया हुआ है। लेकिन, सवाल है आखिर लॉकडाउन भी कब तक रखेंगे? क्या लॉकडाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग रखना आसान होगा? लॉकडाउन ( Lockdown in India ) के बावजूद बीते चार महीनों से कोरोना ( COVID-19 ) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब विशेषज्ञों और डॉक्टरों में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हैं कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना का इलाज नहीं है, बल्कि एक तात्कालिक बचाव है। इसके लिए स्थायी उपाय अपनाना चाहिए। अब सवाल उठता है कि बिना दवा के कोरोना ( Coronavirus Vaccine ) का स्थायी समाधान कैसे होगा? अब इसके लिए तैयार 'प्लान B' पर दुनियाभर में बहस शुरू हो गई है।

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क्या है 'प्लान B'
कोरोना से बचने के लिए सबको कोरोना संक्रमित करने देना ही इसका स्थायी उपाय है! सुनकर भले ही यकीन नहीं हो रहा हो, लेकिन दुनिया के तमाम विशेषज्ञों के बीच इसी को लेकर बहस चल रही है। इसे 'प्लान बी' बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना coronavirus us Update ) से बचने के लिए स्थायी उपाय अपनाना चाहिए, इसके लिए लोगों को घर से बाहर निकलना चाहिए। जब लोग घरों से बाहर निकलेंगे तो उन्हें भी कोरोना का संक्रमण हो जाएगा। जितने ज्यादा लोग इससे संक्रमित होंगे, इंसान के शरीर में उतनी ही इस वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोध क्षमता यानी हर्ड इम्युनिटी ( Herd immunity ) विकसित होगी और कोरोना को काबू किया जा सकेगा।

जानें क्या होती है हर्ड इम्युनिटी, क्या इससे संभव होगा कोरोना से बचाव

सबके संक्रमित होने से होगा इलाज!
हर्ड इम्युनिटी से इलाज काफी पुराना तरीका है। किसी बीमारी के खात्मे के लिए बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन दी जाती है जिससे शरीर में एंटीबॉडीज़ बन जाती हैं। उदाहरण के लिए समझें तो चेचक, पोलियो को खत्म करने के लिए बड़ी आबादी को वैक्सीन दी गई। अब ये रोग खत्म हो चुका है और अब किसी को होता भी है तो उसके शरीर में रोग से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता होती है। अब जब किसी बीमारी की वैक्सीन नहीं होती है, तो उस दौरान बड़ी आबादी को उस बीमारी से संक्रमित किया जाता है। ऐसा करने से बीमारी के संक्रमण को फैलने के लिए नया शरीर नहीं मिलता। जिसके बाद शरीर खुद से एंटीबॉडीज बनाने के लिए तैयार हो जाता है और वायरस को खत्म करने के लिए सक्षम हो जाता है।

कोरोना के लिए हो रही तैयारी! ( Herd immunity for Coronavirus )
कोरोना वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है। लाखों की तादाद में लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में स्थायी उपाय करना बेहद जरूरी हो जाता है। ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वैलेंस ने कहा है कि अगर ब्रिटेन की 60 फीसदी आबादी को कोरोना से संक्रमित कर दिया जाए, तो फिर वहां कोरोना अपने आप खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों के शरीर में कोरोना के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी। इसके बाद दुनियाभर में इसकी चर्चा शुरू हो गई। स्वीडन भी अब हर्ड इम्युनिटी पर काम करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अमेरिका ने स्वीडन को हर्ड इम्युनिटी पर काम करने से रोक दिया है। लेकिन, स्वीडन इसकी तैयारी में जुटा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करना समझदारी नहीं होगी।