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अमेरिका की खुफिया एजेंसी से हुई थी ये बड़ी गलती, तो क्या रुक सकता था 9/11 का हमला?

11 सितंबर को लादेन ने करवाया था अमेरिका पर हमला आयोग ने रिपोर्ट में किए थे चौंकाने वाले खुलासे

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Prakash Chand Joshi

Jul 22, 2019

terrorist attack in america

नई दिल्ली:अमेरिका ( America ) के लिए 11 सितंबर 2001 की सुबह बर्बादी की सुबह बनकर आई। नौकरीपेशा लोग दफ्तरों के लिए निकल चुके थे। दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर ( world trade center ) में भी करीब 18 हजार कर्मचारी रोजमर्रा का काम निपटाने में जुटे थे। सब कुछ आम दिन की सुबह चल रहा था, लेकिन जैसे ही घड़ी ने 8 बजकर 46 मिनट बजाए वैसे ही हर कोई कांप उठा था क्योंकि दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क यानि अमेरिका को आतंकियों ने कड़ी चुनौती दे डाली थी।

वाशिंगटन के रक्षा विभाग के मुख्यालय पर भी हमला

दरअसल, 19 आतंकियों ( Terrorist t ) ने चार विमान विमान को हाईजैक किया और पहला हमला वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर पर किया। जहां दो विमानों को भिड़ा दिया गया। पहला विमान वर्ल्ड ट्रेंड सेंटर से टकराया और 9 बजकर 3 मिनट पर दूसरा विमान दक्षिणी टावर से टकराया। लोगों की चीख-पुकार मच गई। 9 बजकर 47 मिनट पर वाशिंगटन ( Washington ) के रक्षा विभाग ( Ministry of Defence ) के मुख्यालय पेंटागन पर हमले की भी खबर आई। इस आतंकी हमले में लगभग 3 हजार लोगों की मौत हुई थी। मारे गए लोगों में अमेरिका समेत 90 देशों के लोग शामिल थे।

सामने आई थी ये रिपोर्ट

इस आतंकी हमले ने अमेरिका को झकझोर कर रख दिया। ऐसे में अमेरिकी संसद ने एक आयोग का गठन किया था। वहीं जब आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी तो हर कोई हैरान रह गया। जांच आयोग ने पाया कि अमेरीकी सरकार नीति, क्षमता, प्रबंधन के स्तर पर असफल रही और उसमें कल्पना शक्ति का भी अभाव रहा। आयोग की तरफ से रिपोर्ट में कहा गया कि राजनीतिक नेताओं और खुफिया एजेंसियों ने इस्लामी चरमपंथियों के खतरे की गंभीरता को समझने में भूल की। यही नहीं आयोग ने सिफ़ारिश भी की कि गुप्तचर सेवाओं का पूरी तरह कायापलट करने की ज़रूरत है, ताकि नए आतंकवाद विरोधी केंद्र की स्थापना की जाए और सारी कार्रवाई की देख-रेख गुप्तचर निर्देशक करें।