
बड़े काम के होते हैं चेक के नीचे लिखे ये 23 नंबर, कभी गौर नहीं की होगी इनकी ये खास बात
नई दिल्ली। आज के समय में लोग ATM सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं लेकिन आज भी बड़ा अमाउंट निकालने के लिए लोग चेक का ही इस्तेमाल करते हैं। चेक के बारे में पूछा जाए तो आपके जहन में यकीनन अमाउंट, साइन, नाम और चेक नंबर की बात आती होगी। लेकिन आज हम आपको चेक के नीचे दिए गए 23 अंकों के के बारे में आपको बताएंगे। बता दें कि, चेक में 23 डिजिट नंबर काफी विशेष होते है। इसमें प्रत्येक 6 डिजिट्स का कुछ अर्थ होता है। चेक में दिए गए प्रारम्भ के 6 डिजिट चेक नंबर कहलाते हैं। रिकॉर्ड देखने के लिए सबसे पहले चेक नंबर देखा जाता है।
जानकारी के लिए बता दें कि, इन अंकों को लिखने के लिए जो स्याही इस्तेमल की जाती है, वह मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन होता है। अगले 9 डिजिट्स इसी से संबंधित होते हैं। इस नंबर से ये ज्ञात होता है कि चेक किस बैंक से जारी हुआ है। ये 3 हिस्सों में बंटा हुआ होता है। पहला भाग होता है सिटी कोड मतलब श्रृंखला की पहली 3 डिजिट आपकी सिटी का पिन कोड जिससे ये ज्ञात किया जाता है कि चेक किस शहर से है। दूसरा भाग होता है बैंक कोड। अगली 3 डिजिट यूनीक कोड होता है। प्रत्येक बैंक का भिन्न यूनीक कोड होता है। जैसे आईसीआई सीआई बैंक का 229 आदि। तीसरा हिस्सा होता है ब्रांच कोड। प्रत्येक बैंक का भिन्न ब्रांच कोड होता है। ये कोड बैंक से जुड़े प्रत्येक ट्रांजेक्शन में उपयोग किया जाता है। अगले 6 डिजिट बैंक खाता नंबर होता है। ये नंबर नई चेक बुक्स में होता है। तीसरा भाग होता है ब्रांच कोड। हर बैंक का अलग ब्रांच कोड होता है। यह कोड बैंक से जुड़े हर ट्रांजैक्शन में प्रयोग किया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि, 29, 30 और 31 नंबर लिखे होने का मतलब होता है कि वह चेक एट पार चेक है और 09, 10 और 11 नंबर लिखे होने का मतलब होता है कि चेक लोकल है।
Published on:
23 Aug 2018 12:48 pm
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