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Mizoram में ईमानदारी के भरोसे पर रही हैं दुकानें, नहीं होता है कोई दुकानदार ! दिलचस्प है वजह

Mizoram has shops without shopkeepers: इन दुकानों में रखे सामानों के बगल में एक तख्ते पर इनका मूल्य लिखा होता है। इन्हें खरीदने वाले ग्राहक अपनी ज़रूरत का सामान उठा कर यही पर पड़े कटोरे मे पैसे डाल देते हैं।  

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Mizoram has shops without shopkeepers

Mizoram has shops without shopkeepers

नई दिल्ली। क्या आपने कभी बिना दुकानदार वाली दुकान (shops without shopkeepers) देखी है? नहीं देखी तो आपको इसे देखने के लिए मिजोरम (Mizoram) जाना होगा। दरअसल, यहां कई ऐसी दुकानें हैं जो विश्वास पर चलती हैं। यहां कोई दुकानदार नहीं होता है।

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सामान उठाने से लेकर उसका वजन सब आपको ही करना होगा। यहां लोग सामान लेकर खुद से पैसे रखकर चले जाते हैं। ऐसी ही एक दुकान की फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इसे MY Home India ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से शेयर किया है।

तस्वीर पोस्ट करते हुए My Home India ने लिखा, “मिजोरम के सेलिंग हाइवे पर बिना दुकानदारों के कई दुकानें देखी जाती हैं। इसे Nghah Loh Dawr Culture of Mizoram कहा जाता ह।. इसका मतलब होता है बिना दुकानदार की दुकान। आप यहां से जो चाहें ले सकते हैं और डिपॉजिट बॉक्स में पैसा रखें। यह दुकानें विश्वास के सिंद्धांत पर काम करती हैं।”

बता दें ये दुकानें ज़्यादातर छोटे किसानो द्वारा लगायी जाती हैं, जो हर सुबह बांस से बंधे हुए ताख पर फल सब्जियां आदि रख तथा उसके बगल में चाक या कोयले से दाम लिख कर अपने घर चले जाते हैं।

इसके बाद इन्हें खरीदने वाले ग्राहक अपनी ज़रूरत का सामान उठा कर यही पर पड़े कटोरे, जिन्हें ‘पविसा बावन’ या ‘पविसा दहना’ कहा जाता है, उनमे डाल देते हैं। यहीं पर, दुकानदार द्वारा छुट्टे पैसो का भी एक बक्सा रखा होता है जहाँ से ग्राहक बाकि पैसे खुद ही उठा सकते है।