
nirbhaya culprits
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया ( Nirbhaya Case ) पर हुए अत्याचार के आरोपियों की सजा पर कोर्ट अब भी तारीख पर तारीख दे रहा है। इस केस को चलते हुए अब तक 7 साल का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी कोर्ट की तरफ से चारों आरोपियों को फांसी ( hanging ) नहीं दी गई है और इसकी अगली सुनवाई 7 जनवरी तक टाल दी है। ऐसे में निर्भया के चारों दोषियों का नया साल जेल में ही बीतेगा। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि जेल में नए साल के दिन क्या होता है।
कैदियों के लिए होता है कुछ खास
किसी दोषी को जेल में उसकी सजा के हिसाब से रखा जाता है। वैसे तो यहां बाकी दिन कैदियों से काम करवाया जाता है, लेकिन नए साल के दिन जेल के अंदर का माहौल थोड़ा अलग होता है। दरअसल मिली जानकारी के मुताबिक, नए साल पर सभी कैदियों के लिए मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। जेल अधिकारी बैरकों में जाकर कैदयों को मिठाई बांटते हैं। वहीं शाम को कैदियों के मनोरंजन के लिए कैदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाते हैं, जिसमें पूरी जिम्मेदारी कैदियों की ही होती है। वहीं रात में कैदियों के लिए खास तरह के भोज का आयोजन भी किया जाता है। माना जा रहा है कि निर्भया के दोषियों का नया साल भी ऐसा ही बितेगा।
मां की पुकार जल्द हो फांसी
16 दिसंबर 2012 की रात को दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने निर्भया के साथ दरिंदगी का घिनौना खेल खेला। वहीं बाद में मलेशिया के अस्पताल में निर्भया की मौत हो गई थी। इससे देश काफी दुखी है। निर्भया के कातिलों को जेल पहुंचाने और निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों लोग सड़क पर उतरे थे। लेकिन इस केस के 7 साल बाद तक अब भी इंसाफ नहीं हो पाया है। वहीं अब 7 जनवरी को इस मामले की अगली सुनवाई पटियाला हाई कोर्ट में होगी, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Updated on:
19 Dec 2019 11:41 am
Published on:
19 Dec 2019 11:38 am
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