
इस वजह से पैरों में अचानक होने लगती है झनझनाहट, पैरों के सो जाने के पीछे की वजह जान हो जाएंगे दंग
नई दिल्ली। लंबे समय तक एक ही जगह और एक ही स्थिति में बैठे रहने पर पैरों में तेज झुनझुनाहट होने लगती है जिसे कई बार लोग पैरों का सो जाना भी कहते हैं। मेडिकल की भाषा में इसे पैरेस्थेसिया कहा जाता है। ऐसा अकसर हम सभी के साथ होता है और कुछ देर बाद पैर अपने आप ही नॉर्मल भी हो जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्यों अचानक से पैरों में झनझनाहट होने लगती है? यह अपने आप ही कैसे ठीक हो जाता है? आइए जानते हैं।
अकसर आपने भी लोगों को यह कहते सुना होगा कि पैरों में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से न हो पाने की वजह से ऐसा होता है। इसके बारे में हम थोड़ी डिटेल में आपको बताते हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि शरीर में छोटी-छोटी कई महीन तन्त्रिकाएं होती हैं जिनका काम ब्रेन तक संदेश पहुंचाना होता है।
ये तंत्रिकाएं कोशीय फाइबर से बनी होती हैं। इनमें से हर एक का काम अलग अलग संदेशों को दिमाग तक पहुंचाना होता है। इन तन्त्रिकाओं पर दवाब पड़ने की वजह से नसों द्वारा मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है और ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक से नहीं हो पाता है।
लंबे समय तक जब कोई एक ही स्थिति में बैठा रहता है तो इन तंत्रिकाओं पर दबाव पड़ता है जिससे पैरों तक खून की आवाजाही रूक जाती है। जब दोबारा थोड़ा हिलने-डुलने से ऑक्सीजन पहुंचने लगती है तो सब पहले जैसा ही नॉर्मल हो जाता है। ऐसा सिर्फ पैरों में ही नहीं होता है बल्कि हथेली, बाजूओं में भी होता है।
Published on:
10 Feb 2019 11:00 am
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