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Corona से मौत पर घर में रातभर मातम, सुबह जिंदा निकला बेटा

उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के संत कबीर नगर (Sant kabir nagar) में पुलिस ने एक पिता को फोन पर ये जानकारी दी कि अस्पताल में भर्ती उनके बेटे की कोरोना से मौत हो गई है लेकिन दूसरे दिन घर वाले दाह संस्कार के लिए शव का चेहरा देखा तो सभी दंग रह गए  

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Vivhav Shukla

May 29, 2020

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संत कबीर नगर (Sant kabir nagar) में एक घर के लोगों को उनके बेटे की कोरोना वायरस (Coronavirus) से मौत की सूचना दे दी गई।

नई दिल्ली। देश में कोरोना (Coronavirus) संकट बढ़ता जा रहा है। आए दिन सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। इन सब के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) से एक अनोखा मामला सामने आया है। जिसनें शासन, प्रशासन दोनों की पोल खोल कर रख दी है। दरअसल, मामला उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के संतकबीरनगर (sant kabir nagar) का है। यहां के एक अस्पताल ने एक कोरोना पॉजिटिव की मौत की गलत सूचना एक परिवारी को दे दी गई।

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जिसके बाद परिवार शव को अपने साथ दाह संस्कार के ले भी चला गया। परिवार में रात भर मातम पसरा रहा। मां-बाप पूरी रात बेटे के लिए बिलखते रहे लेकिन जब सुबह मृतक का चेहरा देखा गया तो सभी दंग रह गए। क्यों की ये उनका बेटा नहीं बल्कि किसी और का शव का था। खबर की सूचना अस्पताल प्रशासन को मिलते ही उनके हाथ-पाव फूल गए। सब इसे मामूली गलती बताकर पल्ला छाडने में लगे रहे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिले के महुली क्षेत्र के मथुरापुर (Mathurapur) गांव निवासी 28 वर्षीय युवक अपने 22 वर्षीय छोटे भाई के साथ मुंबई में रहता था। दोनों भाई कुछ दिन पहले ही गांव लौटे थे। जिसके बाद उन्हें घर पर क्वारंटीन कर दिया गया था। लेकिन कुछ दिन बाद बड़े भाई को बुखार आ गया। परिवार ने आनन फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया। वहां से उसे बस्ती के कैली अस्पताल रेफर कर दिया गया।

लेकिन सोमवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने घरवालों को सूचना दी उनके बेटे की कोरोना की वजह से मौत हो गई है। अगले दिन परिवार शव को घर ले आया। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार करने के लिए युवक के पिता और उसके तीन भाइयों को पीपीई किट उपलब्ध करवाई।

रात भर घरवाले और गांव वाले मातम मनाते रहे। सुबह जब पिता अपने दूसरे बेटे के साथ शव लेकर अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचा और शव जलाने से पहले जैसे ही पिता ने मृतक बेटे का चेहरा देखा तो पिता और पुलिस के होश उड़ गए। क्योंकि मृतक उनका बेटा नहीं था, बल्कि वह दूसरे कोरोना मरीज का शव था।

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वहीं इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ये सब कंफ्यूजन की वजह से हो गया। मरने वाला युवक कोरोना संक्रमित था और वो भी मुंबई से आया था। दोनों का बेड पास होने की वजह से ये घटना घटी है। अधिकारी इश मामले की जांच कर रहे हैं। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सजा जरूर मिलेगी।