
जब पिता मोतीलाल ने पेन के लिए की थी जवाहर लाल नेहरू की पिटाई, जीवनी में साझा किया था ये किस्सा
नई दिल्ली: आज देश के जाने माने राजनीतिज्ञ और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू की जयंती है। मोतीलाल नेहरू का जन्म 6 मई साल 1861 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। मोतीलाल नेहरू पेशे से वकील थे और उन्होंने आजादी से जुड़े आंदोलनों में अहम भूमिका निभाई थी। आज इस खबर में हम आपको मोतीलाल नेहरू के जीवन से जुड़ा एक ख़ास किस्सा सुनाने जा रहे हैं जो बेहद ख़ास है।
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अपनी जीवनी में अपने पिता के साथ जुड़ा हुआ एक ऐसा किस्सा साझा किया था जिसके बारे में जानकर आपको हैरानी होगी। जवाहरलाल नेहरू की जीवनी में लिखा है कि उस समय के दूसरे वकीलों की तरह मेरे पिता जी का भी एक पढ़ने का कमरा था, जिसमें बहुत सारी किताबें रखी हुई थीं। ये कमरा जवाहर लाल नेहरू को काफी पसंद था और इसी वजह से वो यहां आते-जाते रहते थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि वो जिन चीजों को हल्के में ले रहे थे उसी की वजह से उन्हें लेने के देने पड़ जाएंगे।
दरअसल जवाहर लाल नेहरू अक्सर अपने कई दोस्तों के साथ वे उस कमरे में अक्सर जाते थे और इस कमरे में एक टेबल रखी थी जिसपर हमेशा दो पेन रखते थे। एक दिन जवाहर लाल नेहरू को एक पेन की ज़रूरत थी तो उन्होंने अपने पिता के कमरे से बिना पूछे ही एक पेन उठा ली। दरअसल उन्हें लगा कि मोतीलाल नेहरू को इस बात से फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन उनका सोचना गलत था।
जमकर हुई थी पिटाई
पेन लेने के बाद शाम को अचानक जवाहर लाल नेहरू के घर में पेन को लेकर शोर मचने लगा जो उनके पिता मोतीलाल नेहरू का था। दरअसल जो पेन गायब हुए थे वो बहुत कीमती थे और ऐसे में उसकी खोज शुरू हुई और इसके बाद ये पेन जवाहर लाल नेहरू के पास से मिला और इस बात पर उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने बालक जवाहर की जमकर पिटाई की जिसके बाद उन्हें एक बड़ी सीख मिली।
Published on:
06 May 2019 07:00 am
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