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Social Media का इस्तेमाल सैनिकों के लिए है बेहद खतरनाक, जानें दुश्मन देश कैसे उठाते हैं फायदा?

सोशल मीडिया ऐप (Social Media App) इस्तेमाल करने का सबसे बड़ ख़तरा डेटा की चोरी है। हालांकि ये खतरा सभी के लिए है लेकिन सेनिकों (army) के लिए ये एक गंभीर समस्या है। ज्यादातर ऐप कई लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। माइक्रोफ़ोन या कैमरे का इस्तेमाल कर सकते हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से ख़तरनाक साबित हो सकता है। इन सब के अलावा कुछ APP तो गैलरी में मौजूद फोटो वीडियो को भी Acess कर सकते हैं। कई बार सेना के जवान सोशल मीडिया के जरिए जासूसी और हनीट्रैप (Honeytrap) का शिकार होते आए हैं।

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Vivhav Shukla

Jul 17, 2020

Why Indian Army Banned 89 Social Media Apps

Why Indian Army Banned 89 Social Media Apps

नई दिल्ली। कुछ दिनों पहले लद्दाख में चीन के साथ हुई तनातनी के बाद भारत सरकार ने चीन के 59 एप पर प्रतिबंध लगा (India bans 59 Chinese apps) दिया। इनमें टिकटॉक (Tiktok) , हेलो, वीचैट, यूसी न्यूज जैसे प्रमुख एप भी शामिल हैं। ये App अब भारत में पूरी से काम करना बंद हो चुके हैं। सरकार की तरफ से कहा गया था कि इन एप के गलत इस्तेमाल को लेकर कई शिकायतें भी मिल रही थी। ये एप एंड्रायड एवं आईओएस प्लेटफार्म से डाटा चोरी करने में भी सहायक है जिससे देश की सुरक्षा खतरा था।

इस बैन के बाद इंडियन आर्मी ने सैनिकों के लिए फेसबुक और इंस्टा समेत पूरे 89 मोबाइल एप पर बैन (Army Banned 89 Social Media Apps) लगा दिया है। बताया जा रहा है कि सैनिकों का सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना देश की सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। कई बार सैनिक अनजाने में ऐसी पोस्ट कर देते हैं जो सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हो सकती है।

आर्मी (Army ) द्वारा इन एप को बैन किए जाने बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल पीके चौधरी (Lieutenant Colonel PK Chaudhary) ने बैन के ख़िलाफ़ एक याचिका भी दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें 'फ़ेसबुक ज़्यादा पसंद है तो उनके पास इस्तीफ़ा देने का विकल्प मौजूद है।'


क्यों लगाया बैन?

इस महीने की शुरुआत में भारतीय सेना (Indian Army) में कार्यरत 13 लाख जवानों को 89 ऐप की एक लिस्ट दी गई है जिसे उन्हें 15 जुलाई तक अनइंस्टॉल कर देना था। इस लिस्ट में अमरीकी सोशल नेटवर्किंग साइट्स (Social networking sites) फ़ेसबुक, इंस्टग्राम, ट्रू-कॉलर भी शामिल हैं। इन एप पर बैन लगाने की वजह सुरक्षा कारणों बताया गया है। सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इन सभी APP को बैन करने का मकसद संवेदनशील जानकारियों को लीक होने से बचाना है।

सेना के लिए खतरनाक है सोशल मीडिया?

सोशल मीडिया ऐप इस्तेमाल करने का सबसे बड़ ख़तरा डेटा की चोरी है। हालांकि ये खतरा सभी के लिए है लेकिन सेनिकों के लिए ये एक गंभीर समस्या है। ज्यादातर ऐप कई लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। माइक्रोफ़ोन या कैमरे का इस्तेमाल कर सकते हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से ख़तरनाक साबित हो सकता है। इन सब के अलावा कुछ APP तो गैलरी में मौजूद फोटो वीडियो को भी Acess कर सकते हैं। कई बार सेना के जवान सोशल मीडिया के जरिए जासूसी और हनीट्रैप (Honeytrap) का शिकार होते आए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान लगातार फेक आईडी के जरिये भारतीय सुरक्षा तंत्र में घुसने की कोशिश कर रहा है। वहां की खुफिया एजेंसी अक्सर भारतीय सेना को हनीट्रैप करने की कोशिश करती है।