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आम बजट से पहले जन-अपेक्षाएं, शिक्षा, व्यापार, किसान और कनेक्टिविटी पर जोर

आम बजट से पहले राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित परिचर्चा में व्यापारियों, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने अपनी राय रखी। गदग में आयोजित परिचर्चा में शिक्षा और चिकित्सा की बढ़ती लागत, ऑनलाइन व्यापार से पारंपरिक कारोबार को हो रहे नुकसान, रेल कनेक्टिविटी, सिंचाई, बिजली, महंगाई नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण […]

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आम बजट से पहले गदग में आयोजित राजस्थान पत्रिका परिचर्चा में विचार रखते प्रवासी।

आम बजट से पहले गदग में आयोजित राजस्थान पत्रिका परिचर्चा में विचार रखते प्रवासी।

आम बजट से पहले राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित परिचर्चा में व्यापारियों, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने अपनी राय रखी। गदग में आयोजित परिचर्चा में शिक्षा और चिकित्सा की बढ़ती लागत, ऑनलाइन व्यापार से पारंपरिक कारोबार को हो रहे नुकसान, रेल कनेक्टिविटी, सिंचाई, बिजली, महंगाई नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। प्रवासियों ने उम्मीद जताई कि आगामी आम बजट में जनहित और क्षेत्रीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रारम्भ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने बजट की जानकारी के साथ ही राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार की जानकारी दी।

शिक्षा और मेडिकल शिक्षा को बनाया जाए सुलभ
बालोतरा जिले के पारलू निवासी गोरधन राम चौधरी ने कहा, शिक्षा पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए ताकि हर वर्ग तक पहुंच सके। मेडिकल कॉलेजों की फीस माफ कर चिकित्सा शिक्षा को सस्ता बनाया जाए। वर्तमान में मेडिकल एजुकेशन अत्यधिक महंगी हो चुकी है, जिससे मध्यम वर्ग प्रभावित है। सरकार को शिक्षा क्षेत्र में ठोस और दीर्घकालिक नीति अपनानी चाहिए।

रेल ठहराव और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग
सिरोही जिले के गोल निवास रमेश कुमार मारू प्रजापत ने कहा, कर्नाटक से राजस्थान जाने वाली कई ट्रेनों का पिंडवाड़ा में ठहराव नहीं है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। इन ट्रेनों को पिंडवाड़ा में स्टॉपेज दिया जाना चाहिए। इसके अलावा कर्नाटक से बाड़मेर के लिए सप्ताह में केवल एक ट्रेन चलती है। इसे बढ़ाकर सप्ताह में तीन दिन किया जाए।

ऑनलाइन व्यापार से छोटे व्यापारी परेशान
जालोर जिले के पांथेड़ी निवासी नेतीसिंह परमार ने कहा, ऑनलाइन व्यापार के तेजी से बढऩे का सीधा असर पारंपरिक व्यापार पर पड़ा है। छोटे और मध्यम व्यापारियों की बिक्री लगातार घट रही है। सरकार को इस दिशा में ठोस नीति बनाकर व्यापारियों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। संतुलित व्यवस्था से ही बाजार को बचाया जा सकता है।

पारंपरिक व्यापार को मिले संरक्षण
जालोर जिले के विराणा निवासी रमेश राजपुरोहित ने कहा, ऑनलाइन व्यापार के कारण बाजार की पुरानी व्यवस्था कमजोर हो गई है। पहले जैसा व्यापार अब नहीं रहा और छोटे दुकानदार संकट में हैं। सरकार को ऑनलाइन व्यापार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। पारंपरिक व्यापार को बचाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान हों।

नर्मदा जल और पर्याप्त बिजली की आवश्यकता
जालोर जिले के मण्डारड़ी निवासी चतराराम देवासी ने कहा, नर्मदा नहर का पानी अब तक रानीवाड़ा क्षेत्र में नहीं पहुंच पाया है। इससे किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कतें हो रही हैं। खेतों के लिए कम से कम आठ घंटे नियमित बिजली दी जानी चाहिए। जल और बिजली की उपलब्धता से कृषि उत्पादन में सुधार होगा।

बजट में किसानों को सीधा लाभ मिले
बालोतरा जिले के पारलू निवासी ओमाराम चौधरी ने कहा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि आमदनी सीमित है। सरकार की नीतियों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

महंगाई पर नियंत्रण जरूरी
बालोतरा जिले के रानी देशीपुरा निवासी भोलाराम चौधरी ने कहा, सोने और चांदी के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आमजन प्रभावित हो रहा है। महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। रोजमर्रा की वस्तुएं भी महंगी होती जा रही हैं। बजट में महंगाई कम करने की स्पष्ट योजना हो।

रसायनिक पानी से खेती को नुकसान
बालोतरा जिले के बामसीन निवासी हरीराम चौधरी ने कहा, खेतों में कैमिकल युक्त पानी पहुंच रहा है, जिससे जमीन बंजर होती जा रही है। इससे फसल उत्पादन और मिट्टी की गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही हैं। सरकार को इस पर सख्त रोक लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की जमीन बचाना जरूरी है।

रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन और विकास
जालोर जिले के मेडा निवासी मफाराम चौधरी ने कहा कि बाड़मेर से यशवंतपुर जाने वाली ट्रेन को नियमित किया जाना चाहिए। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास भी तेज होगा। बजट में इस दिशा में ठोस घोषणा की जाए।

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