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कड़वीं यादें मिठास में घुली: बुजुर्गों के साथ बैठ बतियाए तो झलकी खुशी, उपहार देकर और पैर छूकर लिया आशीर्वाद

राजस्थान पत्रिका और अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद ने बुजुर्ग महिलाओं के बीच मनाया अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

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हुब्बल्ली के केशवापुर स्थित स्नेहा सदन वृद्धाश्रम में आयोजित समारोह को संबोधित करतीं अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद दक्षिण प्रांत की उपाध्यक्ष मिंटू ओबानी पोषाणा एवं मंचासीन परिषद की पदाधिकारी।

हुब्बल्ली के केशवापुर स्थित स्नेहा सदन वृद्धाश्रम में आयोजित समारोह को संबोधित करतीं अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद दक्षिण प्रांत की उपाध्यक्ष मिंटू ओबानी पोषाणा एवं मंचासीन परिषद की पदाधिकारी।

जैसे तुलसी का पौधा छोटा होते हुए भी हमारे घर-आंगन की शोभा बढ़ाता है, ठीक उसी तरह बुजुर्ग भी हमारे घर में तुलसी की ही तरह शोभा बढ़ाते हैं। ये लोग अपने साथ वो ज्ञान लेकर चलते हैं, जिसे सीखने में पूरा जीवन लग जाता है। आज के इस दौर की पीढ़ी को अपने ही परिवार के बुजुर्गों के साथ बैठकर समय बिताने और उनसे कुछ नया सीखने का समय नहीं है। आज के बच्चे सोशल मीडिया को ही अपनी दुनिया मान चुके हैं लेकिन जो बातें बड़े-बुजुर्गों से सीखने को मिल सकती हैं, वो सोशल मीडिया नहीं दे सकता।

दिया मुस्कुराने का मौका
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर मंगलवार को राजस्थान पत्रिका और अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद हुब्बल्ली की सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया। बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उनके साथ खुशियां साझा कीं। बुजुर्ग महिलाएं जब पुरानी यादों में खोई तो आंसू छलक पड़े। हुब्बल्ली (कर्नाटक) के केशवापुर स्थित माइनॉरिटी ऑफ चैरिटी मदर टेरेसाज स्नेहा सदन में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं के साथ बातें कर उन्हें मुस्कुराने का मौका दिया। इस दौरान बुजुर्गों की खुशी का ठिकाना नहीं था। सचमुच कुछ पल के लिए उनकी कड़वी यादें मिठास में घुल गई। इस मौके पर सभी के चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिल रही थी। बुजुर्ग महिलाओं ने सभी को आशीर्वाद दिया।

दी गायन व नृत्य की प्रस्तुति
कई बुजुर्ग महिलाओं ने भजन व गीतों की प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति देख कर अन्य बुजुर्ग महिलाएं भी भाव-विभोर हो गईं। बुजुर्ग महिलाओं ने कहा कि गीतों को सुनकर उनके पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। वृद्धाश्रम में रहने वाली महिलाओं ने नृत्य की प्रस्तुति भी दी। अखिल भारतीय राजेन्द्र महिला परिषद की सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाली सभी महिलाओं का फूलों से स्वागत किया। महिलाओं को फल वितरण किया गया तथा उन्हें चप्पलें पहनाई गई।

कुछ समय बुजुर्गों के पास जरूर बिताएं
समारोह की मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद के दक्षिण प्रांत की उपाध्यक्ष मिंटू ओबानी पोषाणा ने कहा, समाज में बुजुर्गों को गुरु, आदर्श और ज्ञान का प्रतीक माना गया है। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के माध्यम से वृद्ध लोगों की समस्याओं और जरूरतों के प्रति उन्हें जागरूक किया जाता है। वे अपने जीवन को खुशी और संतोष से जी सकें, इसके लिए हमें उनका सहयोग करना चाहिए। जब भी समय मिले वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ कुछ वक्त जरूर बिताना चाहिए।

वृद्धों का करें सहयोग व सम्मान
अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद हुब्बल्ली की अध्यक्ष ललिता मलानी चौराऊ ने स्वागत भाषण दिया एवं परिषद के बारे में जानकारी दी। मलानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें वृद्ध लोगों का सहयोग करना चाहिए और उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उनके सम्मान और सहयोग के माध्यम से हम मजबूत समाज बना सकते हैं।

नवकार मंत्र के साथ शुरुआत
अखिल भारतीय राजेन्द्र जैन महिला परिषद की सदस्य कविता फोलामूथा धुम्बडिय़ा, पिंकी नागोत्रा सोलंकी सांथू, मंजू श्रीश्रीमाल सरत, सविता श्रीश्रीमाल सरत, शीला सेठ धानसा, शर्मिला दांंतेवाडिय़ा मांडवला एवं पिंकी जैन भीनमाल ने भी बुजुर्ग महिलाओं के साथ बातें कर उनकी खुशी में सहभागी बनीं। प्रारम्भ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की महत्ता के बारे में बताया। इस अवसर पर राजेन्द्र जैन युवक परिषद के संजय सेठ धानसा भी उपस्थित थे। नवकार मंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।