
अमावस्या पर गायों की सेवा के लिए गौशाला पहुंचीं प्रवासी राजस्थानी महिलाएं।
राजस्थान मूल की महिलाओं के एक समूह ने गौशाला पहुंचकर गायों को रोटियां, दलिया, केले और गुड़ खिलाया। इस समूह में पुष्पा कंवर बालोत पचानवा, कदम कंवर देवड़ा मेवी, ऐवन कंवर बालावत नरसाणा, पौनीदेवी चौधरी आसोतरा, पार्वती कंवर कुशीप और नीतू कंवर बालावत नरसाणा शामिल थीं। महिलाओं ने मिलकर गायों को खाद्य सामग्री खिलाई और गोसेवा में समय बिताया।
समूह में शामिल नीतू कंवर बालावत नरसाणा ने बताया कि वे हर अमावस्या को विभिन्न गौशालाओं में जाकर गायों की सेवा करती हैं। पिछले कई महीनों से यह क्रम लगातार जारी है। गायों के लिए समय-समय पर रोटी, गुड़, दलिया और अन्य खाद्य सामग्री लेकर पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि धर्मग्रंथों में गोसेवा को विशेष महत्व दिया गया है। गायों की सेवा धार्मिक आस्था से जुड़ा कार्य है और इसे शुभ माना जाता है। इसी भावना के साथ वे नियमित रूप से गोसेवा करती हैं।
अमावस्या पर गोसेवा के लिए पहुंचीं अन्य महिलाओं ने भी गायों को हरा चारा, रोटियां, गुड़, सब्जियां, फल और दूसरी खाद्य सामग्री खिलाई। महिलाओं में गायों के साथ बछड़ों को भोजन कराने को लेकर भी विशेष उत्सुकता दिखाई दी। कई महिलाएं अपने हाथों से गायों को रोटियां खिलाती नजर आईं, वहीं कुछ ने चारा और अन्य खाद्य सामग्री देकर सेवा की। अमावस्या के अवसर पर गौशालाओं में पहुंचीं महिलाओं की गतिविधियों में धार्मिक आस्था के साथ जीवों के प्रति करुणा और सेवा का भाव भी दिखाई दिया। प्रवासी समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से गोसेवा में भाग लेकर इस परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
Updated on:
10 Oct 2026 10:00 pm
Published on:
10 Oct 2026 09:57 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
