ज्वैलरी, कपड़े, सजावटी सामान, बर्तन समेत अन्य सामग्री की खरीद बारिश कम होने का असर भी
इस बार दिवाली पर बाजार गुलजार है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कपड़े, ज्वैलरी, सजावटी सामान, दीपक, फूल-मालाएं, स्टील के बर्तन, प्लास्टिक सामान समेत अन्य खरीदारी खूब हो रही है। कोरोना के बाद अब बाजार फिर तेजी पर है। हुब्बल्ली के दुर्गद बेल, जवली साल, बेलगावी गली, महावीर गली, कोप्पिकर रोड, सीबीटी समेत अन्य बाजारों में दिवाली पर अच्छी ग्राहकी देखी गई। दुकानदारों की मानें तो इस बार ग्राहकी अच्छी है। हालांकि इलाके में कम बारिश हुई, इसका असर भी देखा गया है। बावजूद ग्राहक दिवाली पर सामान खरीद रहे हैं। बाजार में सजावटी दीयों की भरमार है। दीप जलाने के लिए डिजाइनर दीए ढूंढें जा रहे है। ग्राहक डिजाइनर दीयों पर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। रंग-बिरंगे और तरह-तरह की हाथ की कारीगरी वाले दीए का सभी को क्रेज है। इसी तरह कैंडल को लेकर भी लोगों में क्रेज नजर आ रहा है। सुगंधित कैंडल और रंग-बिरंगे कैंडल पसंद किए जा रहे है। बाजार में पटाखों की खरीदारी भी हो रही है।
बाजारों में धनतेरस को कदम रखने की जगह नहीं थी। घर को रोशन करने, सजाने के सामान से लेकर कपड़ों से बाजार पट गया है। बाजार में बंदनवार से घरों को सजाने का क्रेज दिखाई दे रहा है। वहीं जगमगाती बिजली की लडिय़ों की जमकर खरीदारी हो रही है। बाजार में एक से बढ़कर एक आकर्षक सजावटी सामान की बिक्री की जा रही है। तरह-तरह के डिजाइनर बंदनवार, प्रवेश द्वारों पर लगने वाले झूमर सरीखे झालर, गुब्बारे, तरह-तरह के पोस्टर्स, रंग-बिरंगी पट्टियां, फूलों के साथ-साथ आर्टिफिशियल मालाएं, आकर्षक मोमबत्तियों से लेकर डिजाइनर दीए भी लोगों को भा रहे हैं। ज्वैलरी की दुकानों पर भी अच्छी खरीदारी हो रही है। चांदी के सिक्के, चांदी के बर्तन, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति समेत अन्य ज्वैलरी की खरीद हो रही है।
क्या कहते है व्यापारी
इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम व्यापारी महावीर कोठारी कहते हैं, दिवाली पर फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन की खरीद अधिक रहती है। अन्य सामान भी ग्राहक खरीद रहे हैं। खिलौनों के व्यापारी रतन देवासी सिलदर कहते हैं, खिलौनों की मांग वैसे गर्मियों के अवकाश में बढ़ जाती है। यह वह समय होता है जब स्कूल की छुट्टियां रहती हैं। ऐसे समय में बच्चों के लिए खिलौने अधिक खरीदे जाते हैं। वैसे बारिश का असर पड़ा है। यदि बारिश अधिक होती तो किसानों के पास आय अधिक होने से खरीदारी भी और अधिक हो सकती थी। कपड़ा व्यापारी बाबूसिंह राजपुरोहित पटाऊ कहते हैं, इस बार बारिश कम हुई है। इसका व्यापार पर असर हुआ है। वैसे कपड़े व होजरी आइटम सालभर बिकते हैं। स्टील के व्यापारी खंगारराम चौधरी मेर-मंडवारा कहते हैं, स्टील के बर्तनों की मांग हर वर्ग के लिए रहती है। खासकर कीचन आइटम लोग अधिक खरीदते हैं। पर्व-त्यौहार के अवसर पर भी बर्तन खरीद की परम्परा रही है। इस बार दिवाली पर भी लोग बर्तनों की खरीद कर रहे हैं। होम एप्लायसेंज के व्यापारी महेन्द्र चौपड़ा धुंधाड़ा कहते हैं, घरेलु आइटमों की इस बार मांग अच्छी है। पर्व-त्यौहार एवं विभिन्न अवसरों पर लोग होम एप्लायंसेज की खरीदारी करते हैं। हालांकि इस बार बारिश कम हुई है, ऐसे में किसान जरूरत की चीजें ही अधिक खरीद रहे हैं। यदि बारिश अधिक होती तो ग्राहकी और तेज हो सकती थी।
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