
ग्रामीणों की आवाज के कान बनेगा पंचमित्र पोर्टल
हुब्बल्ली-धारवाड़
उप सचिव विजयकुमार आजूर ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उठने वाली आवाज की पंचमित्र पोर्टल कान बनेगा। राज्य सरकार ने हाल ही में पंचमित्र नया पोर्टल वाट्सएप जारी किया है।
वे धारवाड़ के जिला पंचायत सभा भवन में पंचमित्र पोर्टल संबंधित पोस्टर, बैनर आदि प्रचार सामग्रियों का विमोचन कर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रति ग्राम पंचायत, ग्राम चावडी तथा ग्राम के भीडवाले इलाकों में पंचमित्र परिचित करने वाले प्रचार सामग्रियों को चिपकाना चाहिए। गांव में होने वाले कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत बैठकों में पंचमित्र की उपयुक्तता, लाभ को संबंधित आमजन में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
क्या है पंचमित्र
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर में स्थित विविध विभागों की करीब 89 सेवाएं देने वाले तथा जनता की समस्याओं को पंचमित्र वाट्सएप के जरिए दर्ज कर मुआवजा हासिल करने का अनूठा प्रयास है। उन्होंने कहा कि आमजन, उन्हें आवश्यक ग्राम पंचायतों में स्थित विविध जानकारी का विवरण प्राप्त करने के लिए तथा ग्राम पंचायतों की सेवाओं को आवेदन सौंपने विभिन्न वेबसाइट तथा पोर्टलों को देखना पडता था। ग्राम पंचायतों को संबंधित सभी प्रकार की खामियों को दाखिल कर उनका समाधान प्राप्त करने के लिए कोई भी सही वेबसाइट या पोर्टल नहीं था। इस समस्या के निवारण करने तथा ग्राम पंचायत प्रशासन को जनस्नेही बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पंचमित्र वेबसाइट को परिचित करवाकर क्रियान्वयन किया है। उसके अंतर्गत राज्य सरकार के सहयोग में धारवाड़ जिले के 146 ग्राम पंचायतों को संपूर्ण डिजिटलीकरण करने की ओर धारवाड़ जिला पंचायत आगे आया है। इसके चलते भविष्य में आमजन ग्रामीण विकास समेत अन्य विभागों के चयनित सेवाओं को वाट्सएप चाट सेवा के जरिए प्राप्त करसकते हैं। इससे सभी ग्राम पंचायतों की सभी बैठकों की वेबकास्टिंग होगी। इसको जनता सिधे देख सकती है।
विजयकुमार ने कहा कि आमजन को सुविधा होने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के तहत आने वाले राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के विविध सूचना एवं विवरण हासिल करने, ग्राम पंचायतों को संबंधित सेवाओं को आनलाइन में आवेजन सौंपने, सौंपे गए आवेदनों की स्थिति समीक्षा करने तथा ग्राम पंचायतों को संबंधित ्रखामियों को दर्ज करने के लिए पंचमित्र प्रभावी साधन है।
उन्होंने कहा कि वाट्सएप चाट को संबंधित संपर्क संख्या 8277506000 इस पंचमित्र डिजिटल सेवा प्राप्त करने के लिए स्मार्ट फोन की आवश्यकता होगी। इस मोबाइल नंबर को पंजीकरण कर आमजन चाट करसकते हैं। पहले हाय नामक मेसेज भेजना चाहिए। तभी परदे पर भाषा का चयन करसकते हैं। बाद में जिला, तालुक तथा निर्धारित ग्राम पंचायत का चयन करना चाहिए। बाद में सेवा, जानकारी, समस्याएं नामक तीन सेवाएं स्क्रीन पर दिखाई देंगी। इनमें से जरूरी सेवा प्राप्त करसकते हैं। पंचमित्र पोर्टल वाट्सएप चाट में उपलब्ध सेवा, मुख्य तौरपर पंचमित्र में ग्राम पंचायत निर्वाचित जनप्रतिनधियों का विवरण, कर्मचारियों की जानकारी, पूर्ण हुए ग्राम पंचायत बैठकों में चर्चा किए गए विषय, ग्राम पंचायतों की आगामी बैठकों की जानकारी, आय संग्रह विवरण, सेवाओं का विवरण, स्वयं सेवी संघों का विवरण, 4 (1) (ए) और 4 (1) (बी) आरटीआई जानकारी, भवन निर्माण अनुमति, नए जल आपूर्ति संपर्क, जल आपूर्ति संपर्क कटना, पेयजल प्रबंधन, स्ट्रीटलाइन रखरखाव, ग्राम स्वच्छता प्रबंधन, उद्योग मंजूरी, स्वाधीन प्रमाण पत्र, सड़क खुदाई अनुमति, उद्योग, कृषि आधारित उत्पादन इकाई स्थापित करने की अनुमति आदि जानकारी हासिल करसकते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल की कमी, सड़क समस्या पुल मरम्मत, मनरेगा योजना तथा पंचायत राज विषयों को संबंधित 39 प्रकार खामियों को चिन्हित किया गया है। इन समस्याओं को संबंधित पोर्टल या वाट्सएप से शिकायत दर्ज करवाकर समाधान करवासकते हैं।
इस अवसर पर योजना निदेशक बसवराज हेग्गनायक, मुख्य योजना अधिकारी दीपक मडिवाळ, जिला उद्योग केन्द्र के उप निदेशक डॉ. भीमप्पा एम.एन., जिला पंचायत तथा तालुक पंचायत कर्मचारियों ने भाग लिया था।
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Published on:
05 Mar 2024 07:41 pm
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