केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनहुब्बल्ली
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भारत छोड़ो (क्विट इंडिया) आंदोलन की याद में केंद्र सरकार के किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर एआईटीयूसी, सीआईटीयू व केपीआरएस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मिनी विधानसौधा के सामने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
देश के प्रमुख श्रमिक, किसान, किसान मजदूर संगठनों की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन के चलते सोमवार को क्विट इंडिया आंदोलन की याद में प्रदर्शन किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार ने तीन किसान विरोधी कानूनों लागू कर किसानों के साथ अन्याय किया है। सभी क्षेत्रों का निजीकरण कर रही केंद्र सरकार किसानों की मंडी का भी निजीकरण कर सभी किसानों की बर्बादी का कारण बन रही है। केंद्र सरकार मजदूर-किसान विरोधी नीतियों को अपना रही है। राज्य का भूमि सुधार कानून, एपीएमसी कानून, मवेशियों की हत्या जनविरोधी कानूनों को रद्द करना चाहिए। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल समेत अन्य वस्तुओं के दाम में बढ़ती महंगाई को कम करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में महेश पत्तार, गुरुसिध्दप्पा अंबिगेर, बीए मुधोल, देवानंद जगापुर, एएस पीरजादे, मंजुनाथ हुजराती समेत कई उपस्थित थे।
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हुब्बल्ली
विभिन्न मांगों को लेकर हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर सफाई कर्मचारी संघ ने सोमवार को महानगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
महानगर निगम सफाईकर्मियों ने महानगर निगम परिसर में प्रदर्शन करने की तैयारी की थी। महानगर निगम आयुक्त डॉ. सुरेश इट्नाळ ने सफाई कर्मियों के संघ के मुख्य पदाधिकारियों की बैठक कर एक घंटे तक सफाई कर्मियों की मांगों पर चर्चा की और आगामी 15 दिनों में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
बैठक के बाद संघ के अध्यक्ष बसप्पा ***** ने कहा कि महानगर निगम आयुक्त ने हमारी मांगों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 15 दिनों में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर आगामी आंदोलन किया जाएगा। बैठक समाप्त होने तक प्रदर्शन के लिए आए सैकड़ों सफाई कर्मचारी कामकाज बंद करके महानगर निगम परिसर में बैठे थे।
इस अवसर पर संघ के मानद अध्यक्ष गंगाधर टगरगुंटी, दुरगप्पा विरापुर, बीबी केंपण्णवर, महासचिव होन्नप्पा देवरगी आदि उपस्थित थे।