
हेस्कॉम के लिए सिरदर्द बनी कर्मचारियों की कमी
रखरखाव में हो रही समस्या
हुब्बल्ली. बारिश शुरू होते ही उत्तर कन्नड़ जिले के ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति हेस्कॉम के लिए सिरदर्द बन गई है। खराब होने वाले विभिन्न बिजली उपकरणों को निर्धारित समय में उपलब्ध रखने के लिए जरूरी कर्मचारियों की कमी इसका कारण है।
उत्तर कन्नड़ हेस्कॉम के अंतर्गत आने वाला तीसरा सबसे बड़ा जिला है। वर्तमान में 39 शाखाएं कार्यरत हैं। 157 ग्रामीण 11 केवी फीडरों के जरिए बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जिला भौगोलिक दृष्टि से विस्तृत है तथा वन क्षेत्र अधिक है। इस वर्ष घने जंगलों के बीच स्थित गांवों में बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया है।
रखरखाव कर्मचारियों के 470 पद रिक्त
हवा और बारिश के कारण पेड़ गिरने पर बिजली के खंभे और तार भी जमीन पर गिर जाते हैं। समय सीमा के भीतर इनकी मरम्मत के लिए हेस्कॉम के पास निर्धारित संख्या में रखरखाव कर्मचारी नहीं हैं। वर्षों से कर्मचारियों के नहीं होने के कारण साल दर साल समस्या विकराल होती जा रही है। हेस्कॉम जिला क्षेत्र में रखरखाव कर्मचारियों के 470 पद और मीटर रीडर के 42 पद रिक्त हैं। इसके चलते यदि कहीं कोई पोल टूट जाता है, पेड की टहनियां तारों पर गिर जाती हैं तो उन्हें हटाने में दो से तीन दिन लग जाते हैं। इसके चलते पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने से परेशानी हो रही है।
समुचित कामकाज में आ रही बाधा
हेस्कॉम के मुताबिक मौजूदा मीटर रीडरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने के कारण बिल वितरण में देरी हो रही है। 2014 से 2022 तक 403 रखरखाव कर्मचारियों की भर्ती की गई, परन्तु उनमें से 80 फीसदी को अन्य जिलों में तबादला किया गया है। अब भी दूसरे जिलों में तबादले के लिए आवेदन जमा हो रहे हैं। इससे हेस्कॉम के समुचित कामकाज में बाधा आ रही है।
हेस्कॉम के एक अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा हेसकॉम के विभिन्न कार्यालयों में कार्यकारी अभियंता 2, सहायक कार्यकारी अभियंता 10, सहायक अभियंता 25, कनिष्ठ अभियंता के 10 पद कई वर्षों से भरे नहीं गए हैं। मौजूदा इंजीनियरों को दो से तीन गुना अधिक जिम्मेदारी दी गई है इसके चलते उन्हें हर जगह कुशलता से कार्य करने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
Published on:
08 Jul 2023 08:15 pm
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