
भाजपा राजस्थान प्रवासी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक टाइगर अशोक राजपुरोहित का स्वागत करते प्रवासी।
प्रवासी समाज की एकता कुरनूल की पहचान
इस अवसर पर विष्णु समाज कुरनूल के अध्यक्ष मोतीसिंह देवड़ा, सचिव दुर्गेश देवासी, कोषाध्यक्ष कन्हैयालाल, सदस्य तेजराज खत्री एवं खीमसिंह रेवतरड़ा ने साफा, माला एवं शाल ओढ़ाकर अतिथि का सम्मान किया। अध्यक्ष मोतीसिंह देवड़ा ने स्वागत भाषण में कुरनूल की सामाजिक विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां प्रवासी समाज आपसी भाईचारे और बिना किसी जातिगत भेदभाव के मिल-जुलकर रहती हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
कर्मभूमि और जन्मभूमि दोनों का दायित्व
अपने संबोधन में टाइगर अशोक राजपुरोहित ने कहा कि प्रवासी होने के नाते हम सभी सैकड़ों किलोमीटर दूर आकर यहां व्यवसाय एवं जीवन यापन करते हैं, ऐसे में आपसी सौहार्द और स्थानीय समाज के सहयोग से ही प्रगति संभव है। उन्होंने कहा कि यह हमारी कर्मभूमि है, लेकिन जन्मभूमि से हमारा भावनात्मक और सामाजिक संबंध सदैव बना रहना चाहिए। कर्मभूमि और जन्मभूमि दोनों के उत्थान में योगदान देना ही सच्चा दायित्व है। कुरनूल के प्रवासियों से मिले अपार स्नेह के लिए उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से मोतीसिंह देवड़ा का धन्यवाद किया, जिनके आग्रह पर कुरनूल आगमन का अवसर प्राप्त हुआ।
विभिन्न समाजों की सहभागिता
कार्यक्रम में जैन समाज की ओर से महेंद्र भंडारी एवं यशवंत भंडारी (वराडा) ने भी माला पहनाकर स्वागत किया। सभा में भरत सांकरना, नारायणलाल वाडा, सांवलाराम, डालाराम चौधरी, उम्मेदाराम, बाबूलाल प्रजापत, बाबूलाल माली, भाजपा कार्यकर्ता तेजराज प्रजापत सहित बड़ी संख्या में प्रवासी बंधु उपस्थित रहे।
Published on:
05 Jan 2026 08:55 pm
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