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अनूठी पहल: विश्नोई का माटी से लगाव, गांव की सरकारी स्कूल के दस होनहार विद्यार्थियों को हवाई यात्रा एवं गोवा की सैर कराएंगे

अव्वल रहने वाली सभी छात्राएं, इस साल 26 जनवरी को विश्नोई ने सरकारी स्कूल में की थी घोषणा

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बीरबल एम. विश्नोई साहू, सांचौर जिले के चौरा निवासी, हुब्बल्ली प्रवासी

बीरबल एम. विश्नोई साहू, सांचौर जिले के चौरा निवासी, हुब्बल्ली प्रवासी

मायण ऐड़ा पूत जण, के दाता के सूर, नीतर रहिजे बांझड़ी, मती गंवाइजे नूर। राजस्थानी की इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए राजस्थान मूल के हुब्बल्ली प्रवासी बीरबल एम. विश्नोई साहू ने उदार ह्रदय का परिचय दिया है। वे राजस्थान के सांचौर जिले के चौरा गांव की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में अव्वल रहने वाले दस प्रतिभावान विद्यार्थियों को हवाई यात्रा एवं पांच दिन गोवा का भ्रमण करवाएंगे। विश्नोई राजस्थान के सांचौर जिले के चौरा गांव के मूल निवासी हैं तथा उनका कर्नाटक के हुब्बल्ली, बेंगलूरु एवं गोवा में व्यवसाय है।

शैक्षणिक भ्रमण
इसी साल 26 जनवरी को विश्नोई ने अपने गांव चौरा की सरकारी स्कूल में घोषणा की थी वे इस साल बारहवीं में अव्वल रहने वाले दस प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हवाई यात्रा एवं गोवा की सैर कराएंगे। ऐसे में वे अब अपने किए गए वादे के मुताबिक दस होनहार विद्यार्थियों को हवाई यात्रा एवं गोवा की सैर कराने लेकर जाएंगे। संयोग से अव्वल रहने वाली सभी दस छात्राएं हैं। सभी प्रतिभावान विद्यार्थी 3 जुलाई को अपने गांव चौरा से रवाना होंगे तथा 8 जुलाई को वापस अपने गांव पहुंचेंगे। इसे शैक्षणिक भ्रमण नाम दिया गया है।

पांच साल से शत-प्रतिशत परिणाम
विश्नोई कहते हैं, स्कूल में दसवीं एवं बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम पिछले पांच साल से शत-प्रतिशत रह रहा है। ऐसे में प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का हौसला बढ़ाने के लिए यह शैक्षणिक भ्रमण रखा गया है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

बचपन अभावों में बीता
किसान परिवार के घर में जन्मे विश्नोई का बचपन अभावों में बीता। विश्नोई ने स्कूल में पढ़ाई करते समय समस्याओं को नजदीक से देखा है। विश्नोई की प्राथमिक शिक्षा अपने गांव की सरकारी स्कूल में हुई। बाद में स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ वे 1984 में कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर आ गए। यहां अपनी मेहनत, लगन एवं ईमानदारी से व्यवसाय को उंचाइयां दीं। अब कर्नाटक एवं गोवा के विभिन्न शहरों में उनका व्यवसाय है।

ग्रामीण प्रतिभाओं में खूब हुनर
विश्नोई कहते हैं, छिपी प्रतिभाओं को आगे लाया जाना चाहिए। ग्रामीण प्रतिभाओं में खूब हुनर है, जरूरत केवल उन्हें पहचानने की है। यदि ऐसे विद्यार्थियों को सही मंच मिल जाएं तो वे बहुत आगे बढ़ सकते हैं। सरकारी स्कूल में अक्सर कई बार शिक्षकों की कमी होती है। विद्यार्थियों के पास सुविधाओं का भी अभाव रहता है। ग्रामीण परिवेश के बच्चों के पास बेहतर संसाधन नहीं होते हुए भी वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें, इसीलिए यह पहल की है।

ये दस होनहार करेंगी हवाई यात्रा
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चौरा में इस साल बारहवीं की परीक्षा में अव्वल रहने वाली छात्रा प्रीति कुमारी जोशी, साक्षी जोशी, संगीता कुमारी माली, भागवन्ती कुमारी सुथार, संतोष कुमारी चौधरी, अनीता कुमारी मेघवाल, दीपिका कुमारी गर्ग, चिंका मेघवाल, रविना कुमारी विश्नोई एवं सुशीला सुथार हवाई यात्रा करेंगी। शिक्षिका निर्मला चौधरी भी इन होनहार विद्यार्थियों के साथ अभिभावक के रूप में साथ रहेंगी।