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नन्ही उम्र, बड़े सपने: चेस से कराटे और स्पीच तक हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, मिशिका सिंघानिया ने मेहनत और लगन से हासिल की पहचान

मां से सीखा हुनर, देशभर में दिखाया दम: अहमदाबाद से जमशेदपुर तक प्रतियोगिताओं में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व, कई पुरस्कारों से भरी उपलब्धियों की झोली

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शतरंज की बिसात पर मिशिका सिंघानिया

शतरंज की बिसात पर मिशिका सिंघानिया

कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी
कम उम्र में बड़े सपनों को साकार करने का जज्बा अगर किसी में देखना हो, तो 11 वर्षीय मिशिका निकेत सिंघानिया इसका सजीव उदाहरण हैं। आर्यन्स वल्र्ड स्कूल, हुब्बल्ली की कक्षा 6 की छात्रा मिशिका ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और अन्य गतिविधियों में शानदार संतुलन बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। मिशिका सिंघानिया की कहानी यह संदेश देती है कि अगर बचपन से ही सही दिशा, मेहनत और लगन मिले, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। मिशिका की खास बात यह है कि वह केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चेस, बास्केटबॉल, ड्रॉइंग, डांस, स्पीच, रनिंग और कराटे जैसे कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।

लगातार आगे बढऩे का सपना
महज पांच साल की उम्र से चेस खेलना शुरू करने वाली मिशिका ने यह कला अपनी मां सोनिया सिंघानिया से सीखी, जो स्वयं एक अच्छी चेस खिलाड़ी हैं। आज यही सीख उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक ले गई है। मिशिका ने अहमदाबाद, जमशेदपुर, वृन्दावन और जयपुर जैसे शहरों में आयोजित चेस प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। अंडर-7 आयुवर्ग में अहमदाबाद में कर्नाटक की ओर से खेलते हुए वह टॉप-20 में शामिल रहीं, वहीं अंडर-9 आयुवर्ग में जमशेदपुर में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूर्व विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव को अपना आदर्श मानने वाली मिशिका लगातार आगे बढऩे का सपना देख रही हैं।

प्रमोशनल वीडियो में स्पीच सराही गई
चेस के साथ-साथ मिशिका का रुझान बास्केटबॉल और रनिंग में भी है, जहां उन्होंने जिला स्तर पर अंडर-11 आयुवर्ग में पहला स्थान हासिल किया। कराटे में भी उन्होंने ब्ल्यू बेल्ट प्राप्त कर अपनी फिटनेस और आत्मरक्षा कौशल का परिचय दिया है। कला के क्षेत्र में भी मिशिका पीछे नहीं हैं। नेचर और कार्टून ड्रॉइंग में विशेष रुचि रखने वाली मिशिका को स्कूल में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। वहीं वेस्टर्न डांस और प्रभावी स्पीच के माध्यम से भी वह मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। स्कूल के प्रमोशनल वीडियो में उनकी स्पीच भी सराही गई है।

उपलब्धियों की सूची लंबी
मिशिका की उपलब्धियों की सूची इतनी लंबी है कि उनके पुरस्कारों से घर की कई आलमारियां भर चुकी हैं। इसके बावजूद वह पढ़ाई में भी अव्वल रहती हैं, जो उनकी मेहनत और अनुशासन का प्रमाण है। पिता निकेत सिंघानिया और मां सोनिया सिंघानिया का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिशिका की सफलता की मजबूत नींव है।

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