
इसी तरह करैया गांव निवासी वृद्ध मरीज मख्खन ने बुधवार की शाम करीब5.05 बजे बताया कि सुबह खाना में तीन रोटियां, गेंहू की खिचड़ी और दाल दी थी।
बिलासपुर। मौसम परीवर्तन के चलते इस साल बीमारी ने घर-घर दस्तक दी है। हर घर में कोई ना कोई शख्स खासी की चपेट में है। अस्पतालों की मेडिसीन ओपीडी में लंबी कतारें लगी है 100 में 35 यानी तीसरा मरीज खांसते- खांसते अस्पताल पहुंच रहा है। डॉक्टर्स भी इस बार चकित है,क्योकि जो वायरस 5-7 दिन में खत्म हो जाता था, वह 20 से 25 दिनों तक इंसान को झकझोर रहा है। यह एक प्रकार का अलर्ट भी है, क्योकि इसकी रोकथाम सिर्फ बचाव से काफी हद तक संभव है। डॉक्टर्स की मोनें तो दिन में बदली और रुक रुक के बारिश होने से मौसम में लग
छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और मध्यभारत में कहीं भी वायरस टेस्टिंग लेबोरेट्री नहीं है। इसलिए डॉक्टर्स सिर्फ लक्षण, अनुभव और सामान्य जांचो के आधार पर ही दवाइयां लिख रहें है। डॉक्टर्स एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कर रहें है, लेकिन हर मरीज में नहीं सिम्स के अधीक्षक और टीवी एंड चेस्ट स्पेशलिस्ट पुनीत भारद्बाज की मानें तो वायरस में म्यूटेशन फिलहाल दिखई नहीं दे रहा है। इस पर जांच होनी चाहिए, ऐसा डॉक्टर्स का मानना है। इनका कहना है कि इससे इलाज में मदद मिलेगी, सिम्स के ओपीडी में खासी के मरीज इन दिनों बडी संख्या में पहुंच रहें है जिसके चलते दो बजे के बाद भी डॉक्टर्स यहां मरीजों का इलाज कर रहें है।-..जिन्हें खासी आ रही है,वे दूसरों के लिए बरतें सावधानी अगर आप खांसी से लंबे समय से पीडित है तो मास्क का इस्तेमाल करें। घर पर है तब भी,भीड-भाड वाले इलाकों में जा रहें है तो मास्क लगाएं। मुंह में कपड़ा रुमाल, हाथ रखकर खासे। ऐसा करने से आप दूसरों में वायरस के खतरे को कम कर सकते है, इसलिए सावधानी बरते। क्योकि यह वायरस हवा के जरिए एक से दूसरे, दूसरे से तीसरे व्यकित में जाता है।-0 क्या है वायरस यह वायरस सामान्य है, जो हर साल सितंबर- अक्टूबर में हमला करता है, लेकिन इस बार इसका असर ज्यादा है। वायरस का असर अमूमन हफ्ते भर में खत्म हो जाता है, लेकिन हफ्ते भर में खत्म हो जाता है। लेकिन हफ्ते भर नहीं बल्कि 20 से25 कई केसेस में महीने भर भी लग रहें है।-
0 लक्षण अगर आपको खांसी है, सफेद कफ आ रहा है। तो यह वायरस ही है। जनरल फिजिशियन को दिखांए लिखी गई दवाएं समय पर ले।-
0 क्या है बैक्टीरिया वायरस तब बैक्टेरियल हो जाता है। जब आपको सफेद की जगह पीली कफ आए। तत्काल डॉक्टर को दिखाएं, इसमें एंटीबायोटिक लेने की आवश्यकता है। इसे कतई टीबी न समझे। ये टीबी के लक्षण नहीं होतेे है।-
0 लक्षण इसमें कफ पीली निकलेगा, बुखार आएगी, सिरदर्द हो सकता है और थकान महसूस होगी। एंटीबायोटिक से ही इलाज संभव होता है।-0 घरेलू उपचार पर भी दे ध्यान डॉक्टर्स की माने तो एलोपैथी के साथ-साथ कुछ घरेलू उपचार भी करते जाएं। जैसे हल्दी वाला दूध, तुलसी की पत्ती की चाय, काढ़ा अदरक का रस। ये सभी कफ को खत्म करते है।
म्यूटेशन तो फिलहाल नहीं है, लेकिन यह सच है कि इस बार खांसी ने लोगो को हलाकान कर रखा है। मेरी ओपीडी में खांसी से एक- दो मरीज ही आते थे अब 25 से30 मरीज आ रहें है। खांसी किसी प्रकार की ही क्यो न हो नजरअंदाज कतई न करें। डॉक्टर्स को दिखाए, संपूर्ण जांच करावाएं।
डॉ पंकज टेम्भूर्निकर मेडिसीन विशेषज्ञ सिम्स-
0 फैक्ट फाईल
सिम्स ओपीडी में खासी के मरीज शुक्रवार - 125 शनिवार - 83 सोमवार - 187 मंगलवार- 116 बुधवार - 95
Published on:
01 Nov 2019 11:31 am
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