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औरों का जीवन बचाने 11,500 कतार में

 मिसाल :  जागरूकता के चलते अंगदान के 20 फीसद आवेदन बढ़े, खरगोन जिले के रामेश्वर खेड़े ने 6 जिंदगियों को ग्रीन सिग्नल  दिया उसके बाद तो जीवनदायिनी बनने का सिलसिला चल पड़ा...।

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manoj mehta

Feb 20, 2016

इंदौर . खरगोन जिले के रामेश्वर खेड़े ने 6 जिंदगियों को ग्रीन सिग्नल दिया। इसके बाद रमेश असरानी, सोनिया चौहान और दर्शन गुर्जर जीवनदायिनी बने, तो विश्वास भी बरकरार रहा। बार-बार थमकर मानवता की मिसाल पेश करने वाले इंदौर में अंगदान के प्रति जागरूकता ने रफ्तार पकड़ ली है।

इंदौर आर्गन सोसायटी और गैर सरकारी संस्थाओं को करीब 11,500 लोगों ने अंगदान के लिए सहमति दी है। अंगदान के प्रति बढ़े विश्वास से लोगों ने देह, हार्ट, लिवर, किडनी, आंख और त्वचा के लिए सहमति पत्र भरा है। सूत्रों के अनुसार सहमति पत्र भरने में एकाएक 20 प्रतिशत लोगों का इजाफा हुआ है।

अक्टूबर 2015 के पहले लोग सिर्फ देह दान के लिए सहमति देते थे, लेकिन पांच ग्रीन कॉरिडोर से लोग जागरूक हुए। 10,456 लोगों ने इंदौर आर्गन सोसायटी में अंगदान के लिए सहमति दी है, जबकि 1000 से अधिक लोगों ने मुस्कान समूह के यहां फार्म भरा है। दधीचि मिशन भी फॉर्म भराकर लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

आसान हुई प्रक्रिया

अंगदान की प्रक्रिया को सरल किया गया है। साथ ही एमएलसी मामलों में पहले दिक्कत होती थी। ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन आर्गन एक्ट 2014 के तहत एमएलसी मामलों का भी अंगदान करा सकते हैं।

हर वर्ग में जागरूकता

अंगदान के लिए हर वर्ग में जागरूकता आई है। छोटे और अशिक्षित लोगों से प्रेरणा लेकर संपन्न और शिक्षित लोग भी आगे आ रहे हैं। रामेश्वर खेड़े श्रमिक थे, जबकि मध्यमवर्गीय परिवार के रमेश असरानी प्रॉपर्टी का काम करते थे। सोनिया चौहान ट्रक ड्राइवर की बेटी थी, जबकि दर्शन गुर्जर स्कूल संचालक का बेटा था और विश्वास डोसी घरेलू कारोबार से जुड़े थे।

प्रक्रिया सरल हुई

ऑनलाइन पंजीयन, अंगदान की प्रक्रिया सरल होने के कारण लोग आ रहे हैं। पहले सिर्फ बॉडी डोनेशन के आवेदन आते थे। - डॉ. संजय दीक्षित, सचिव इंदौर सोसायटी ऑफ आर्गन डोनेशन

शिक्षित लोग आगे आए

छोटे और अशिक्षित लोगों से प्रेरणा लेकर संपन्न और शिक्षित लोग आगे आए हैं। अंगदान के लिए लोग स्वयं आवेदन भर रहे हैं। - संदीपन आर्य, मुस्कान समूह

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