स्टार्टर पर पंप के साथ 5 और अकेले 14 प्रतिशत लगता है वैट

वित्त 2015-16 के लिए बजट में जहां एक ओर किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई थी वहीं दूसरी ओर मोटर पंप का स्टार्टर किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है।

2 min read
Apr 28, 2016
starter
इंदौर।
वित्त 2015-16 के लिए बजट में जहां एक ओर किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई थी वहीं दूसरी ओर मोटर पंप का स्टार्टर किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। दरअसल, मोटर पंप के साथ स्टार्टर खरीदा जाता है तो इस पर 5 प्रतिशत वैट लगता है, जबकि अकेले स्टार्टर खरीदेंगे तो इस पर 14 प्रतिशत वैट लगता है। वैट की इस परिभाषा के चलते ज्यादातर स्टार्टर का काम बगैर बिल या बगैर टैक्स चुकाए होता है।


वैट शेड्यूल के मुताबिक कृषि उपकरणों को कर मुक्त रखा गया है। सरकार कृषि गतिविधियों को टैक्स के दायरे में लाना भी नहीं चाहती है, लेकिन तकनीकी त्रुटि के चलते ऐसा हो भी रहा है। सामान्यत: मोटर पंप या पानी के पंप खरीदने पर यदि आप स्टार्टर खरीदेंगे तो आपको केवल 5 प्रतिशत वैट देना होगा। यदि किसान अलग से स्टार्टर खरीदेंगे तो उन्हें 14 प्रतिशत वैट देना होगा। कंपनियों की ओर से इस संबंध में कई बार मध्यप्रदेश शासन को भी प्रतिवेदन भी दिया, लेकिन इस मामले में सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।


ऐसी है दिक्कत

वैट शेड्यूल में सबमर्सिबल पम्पस एंड सपोर्टिंग एसेसरीज पर 5 प्रतिशत वैट लागू है। सबमर्सिबल पंप में सपोर्टिंग एसेसरीज स्टार्टर भी शामिल है। वैट शेड्यूल में स्टार्टर को भी परिभाषित किया है और इस पर 14 प्रतिशत वैट लगाया है। इस तरह से एक ही उपकरण पर दो-दो प्रकार से टैक्स लगाए गए है। दरअसल, स्टार्टर का इस्तेमाल सबमर्सिबल पम्पस के साथ-साथ औद्योगिक उपकरणों में भी होता है। यही वजह है कि वैट शेड्यूल में दो-दो दरें दी गई है।


मिलेगा लाभ

सरकार यदि इन स्टार्टर पर एक समान कर की दरें कर दें तो संभवत: प्रदेश में इसका कारोबार तेजी से बढ़ेगा और ज्यादातर कारोबारी वैट भी देंगे। वर्तमान में 60 प्रतिशत तक का कारोबार बगैर बिल या वैट चुकाए हो रहा है।

Published on:
28 Apr 2016 08:11 pm
Also Read
View All

अगली खबर