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Indore News : नजूल में उलझी वैध होने वाली 196 कॉलोनियां

नगर निगम कॉलोनी सेल को अभी तक नहीं मिली एनओसी, लेआउट बनाने से लेकर सार्वजनिक करने की अटकी प्रक्रिया

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Indore News : नजूल में उलझी वैध होने वाली 196 कॉलोनियां

Indore News : नजूल में उलझी वैध होने वाली 196 कॉलोनियां

इंदौर. शहर की 196 अवैध कॉलोनियों को वैध करने का मामला नजूल में उलझ गया है। नगर निगम कॉलोनी सेल को अभी तक अनापत्ति पत्र यानी एनओसी नहीं मिली है। इस कारण कॉलोनियों का लेआउट बनाने से लेकर प्रकाशन सार्वजनिक करने की प्रक्रिया अटकी पड़ी है। वैसे यह प्रक्रिया दो महीने से चल रही है, जो इस वर्ष पूरी होते नहीं दिख रही। अब नए वर्ष में ही ये कॉलोनियां वैध हो सकेंगीं। एनओसी मिलने के बाद लेआउट बनेगा और फिर दावे-आपत्ति बुलाकर निराकरण किया जाएगा। इस सबमें समय लगेगा और लोगों को कॉलोनी वैध होने का इंतजार करना पड़ेगा

कॉलोनी सेल ने शहर सहित निगम सीमा में आए 29 गांवों की अवैध कॉलोनियों का सर्वे वर्ष-2018 में हुए विधानसभा चुनाव के पहले कराया। 19 जोन में आने वाले 85 वार्ड में सर्वे हुआ। इसमें 900 से ज्यादा कॉलोनियां अवैध निकलीं। टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी), इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए), नजूल, हाउसिंग बोर्ड और सीलिंग की अनापत्ति आने के बाद 596 कॉलोनियों को वैध होने लायक पाया गया। इसके बाद फिर से एनएओसी लेने पर 198 कॉलोनियां रह गईं, जो वैध हो सकती थीं।

अवैध कॉलोनी को वैध करने की कार्रवाई करते हुए कॉलोनी सेल ने 198 में से 162 अवैध कॉलोनी को वैध करने के लिए पहले लिया। इसके लिए राज्य सरकार ने नया नियम कॉलोनी विकास अधिनियम- 2021 बना दिया है। इसके अनुसार ही निगम ने 162 कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान 34 आवेदन और आ गए। इसके बाद वैध होने वाली कॉलोनियों का आंकड़ा 196 तक पहुंच गया।

अवैध कॉलोनियों को वैध करने से पहले जमीन, न्यायालयीन प्रकरण संबंधित और अन्य मामलों को लेकर दावे-आपत्ति बुलाने के साथ टीएंडसीपी, आइडीए, नजूल, हाउसिंग बोर्ड और सीलिंग से एनएओसी मांगी गई। इनमें से नजूल को छोडक़र सभी विभागों की एनओसी निगम कॉलोनी सेल को मिल गई है। जमीन संबंधित परीक्षण के चलते नजूल से अभी तक एनओसी न मिलने पर वैध होने वाली 196 कॉलोनियां उलझ गई हैं। इस पर निगम कॉलोनी सेल ने एक पत्र नजूल विभाग को लिखा है, ताकि जल्द से जल्द एनओसी मिले और कॉलोनियों को वैध करने की प्रकिया आगे बढ़े।

वेबसाइट पर कर रहे अपलोड

कौन-कौन सी कॉलोनियों को अवैध से वैध किया जा रहा है। इसकी पूरी जानकारी निगम वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। इससे लोगों को मालूम पड़ जाएगा कि कौन सी कॉलोनी वैध हो रही हैं। साथ ही वे अवैध कॉलोनी काटने वाले लोगों के चंगुल में फंसने से बच जाएंग

वर्ष-2016 के पहले की कॉलोनियां हो रही वैध

निगम शहर में 31-12-2016 के पहले अस्तित्व में आई अवैध कॉलोनियों वैध कर रहा है। इसके लिए कॉलोनाइजर के नाम, पता, ग्राम, सर्वे क्रमांक, रकबा और विस्तृत नक्शा तय प्रारूप में मांगा गया है। जो आवेदन प्रारूप में नहीं आए, उन्हें लौटाकर पत्र जारी कर तय प्रारूप में जानकारी मांगी गई।

कॉलोनाइजरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

जिन 196 अवैध कॉलोनियों को वैध किया जा रहा है, उनके कॉलोनाइजरों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रही है। कॉलोनी सेल के अफसरों की मानें तो अभी तक आधे कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर हो गई है। इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई के लिए पत्र भी पुलिस को लिख दिया है। बाकी बचे लोगों पर भी प्रकरण दर्ज हो रहा है। हालांकि अवैध कॉलोनी काटने पर अभी तक जिन लोगों पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है, उनमें से कई की मौत हो गई है।

लोगों से लेंगे पैसा

नजूल विभाग की एनओसी मिलने के बाद 196 कॉलोनियों का लेऑउट प्लान तैयार किया जाएगा। इसका प्रकाशन सार्वजनिक कर फिर से दावे-आपत्ति बुलाए जाएंगे। इनका निराकरण करने के बाद लेऑउट को ट्रेसिंग पेपर पर उतार दिया जाएगा। टीएंडसीपी को ट्रेस लेऑउट भेजा जाएगा, ताकि कॉलोनियों के लेऑउट में नदी-नाले, सडक़, मार्ग और लैंडयूज चिह्नित हो जाए। यह काम होते ही कॉलनी सेल इस्टीमेट बनाएगा और फिर इसके अनुसार लोगों से पैसा लेकर अवैध कॉलोनी को वैध करेगा। इस प्रक्रिया को पूरा होने में दो से तीन महीने लग जाएंगे और नया वर्ष आ जाएगा।