
MP Patwari Association's प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News:मप्र पटवारी संघ जिला शाखा इंदौर का निलंबित पटवारियों की बहाली को लेकर विरोध तेज हो गया है। बीते दिन से जिलेभर के पटवारी सामूहिक अवकाश पर चले गए, जिससे राजस्व के काम प्रभावित होने लगे है। तहसीलदार महेंद्र गौड़ और एसडीएम कल्याण पांडे ने संघ के पदाधिकारियों से चर्चा की।
अधिकारियों ने निलंबन प्रकरणों के निराकरण के लिए एक माह का समय मांगा, लेकिन पटवारी संघ ने इसे मानने से इनकार कर दिया। पटवारी संघ का कहना है कि जिन प्रकरणों में बहाली की मांग की जा रही है, उन पर दो दिन में निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन नहीं लिया जा रहा है।
सामूहिक अवकाश की अवधि में ही संबंधित तहसीलदारों और एसडीएम को बुलाकर प्रकरणों पर निर्णय लिया जाए। जिले में 335 पटवारी है, जिनमें से 13 पर कार्रवाई की गई है। प्राथमिक मांग 8 निलंबित पटवारियों की शीघ्र बहाली की है। संघ का आरोप है कि इन पटवारियों को बिना सुनवाई और नियमों के खिलाफ निलंबित किया गया। कई में जांच भी पूरी नहीं हुई।
मप्र सिविल सेवा नियमों और सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार निलंबन से पहले और बाद में स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया गया। कुछ मामलों में तो एनआइसी सॉफ्टवेयर और जीआइएस की तकनीकी त्रुटियों के लिए भी पटवारियों को जिम्मेदार ठहरा दिया गया।
इससे पहले खरगोन तहसील के दो पटवारियों के निलंबन के विरोध में जिला पटवारी संघ ने प्रदर्शन किया था। जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर पटवारियों ने खरगोन एसडीएम द्वारा की गई निलंबन कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग की। अपनी मांग को लेकर पटवारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए थे और सभी शासकीय वॉट्सऐप ग्रुप से भी लेफ्ट हो गए थे।
Updated on:
20 Jan 2026 12:21 pm
Published on:
20 Jan 2026 10:47 am
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