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22 जोन का खाका तैयार, भाजपा का होगा एकतरफा कब्जा

आज लग सकती है मुहर, २१ पार्षदों को किया जाएगा उपकृत

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22 जोन का खाका तैयार, भाजपा का होगा एकतरफा कब्जा

22 जोन का खाका तैयार, भाजपा का होगा एकतरफा कब्जा

इंदौर। पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व वाली महापौर परिषद में अब जोन के गठन की तैयारी है। १९ से बढ़ाकर उनकी संख्या २२ की जा रही है जिसका खाका लगभग तैयार हो गया है। ऐसी संरचना तैयार की गई है सभी पर एक तरफा भाजपा का कब्जा रहेगा। सभापति के जोन को छोड़कर बाकी जगह पार्षदों को उपकृत किया जाएगा।

नगर निगम के चुनाव में 85 वार्डों में भाजपा ने 64 पर जीत दर्ज कराई जिसमें से 11 पार्षदों को एमआइसी का सदस्य बनाया गया तो 3 को अपील समिति में लेकर उपकृत कर दिया गया। उसमें कई वरिष्ठ पार्षद भी रह गए जिन्हें उम्मीद थी कि वे जोन अध्यक्ष बन सकते हैं, लेकिन समय के साथ उनका भरोसा टूटता जा रहा था। अंदर ही अंदर असंतोष की भावनाएं पैदा हो रही थीं और डर था कि कहीं पिछली परिषद जैसे हाल ना हो जाएं। पूर्व महापौर मालिनी गौड़ के कार्यकाल में जोन का गठन नहीं हो पाया था। निगम की सारी सत्ता उनके ही इर्द-गिर्द घूमती रही।

पुष्यमित्र भार्गव निगम की कमान संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि जोन की इकाई महत्वपूर्ण और मजबूत है उसका गठन किया जाएगा। तब से तकनीकी उलझन चल रही है, क्योंकि पूर्व में १९ जोन थे। नियमानुसार उनकी संख्या बढ़ाई जाना थी। इसको लेकर नगर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने पिछले दिनों सभी जनप्रतिनिधियों व पूर्व विधायकों की बैठक बुलाई थी जिसमें सभी नेताओं की अलग-अलग राय आई थी।

महापौर भार्गव ने 22 जोन बनाए जाने का प्रस्ताव रखा जिस पर लगभग सहमति बन गई। जोन का खाका तैयार किया जा रहा था जो अब बनकर तैयार हो गया। आज भाजपा की बैठक बुलाई गई है जिसमें उसे पेश कर मुहर लगाई जा सकती है। स्वीकृति होते ही सूची महापौर कार्यालय से नगर निगम आयुक्त को भेज दी जाएगी। जहां से नए जोन के अस्तित्व में आने की घोषणा होगी। वहीं, कुछ दिन में अध्यक्ष के चुनाव की तारीख भी घोषित होगी।

अब तक नहीं बनी समन्वय समिति
शहर के विकास में भाजपा संगठन की भी भूमिका हो या उसकी जानकारी में हो जिसके लिए संगठन ने समन्वय समिति के गठन करने के निर्देश दिए थे। नगर निगम और आइडीए कोई भी फैसला ले उसके पहले समिति के साथ बैठकर उसे चर्चा करना होगी। इस घोषणा को दो माह से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक समिति अस्तित्व में नहीं आ पाई है। दोनों ही संस्था के मुखिया अपने हिसाब से काम कर रहे हैं जिनकी जानकारी संगठन तक को नहीं रहती है। आइडीए के कुछ फैसले के बाद जनप्रतिनिधियों ने तक आश्चर्य व्यक्त किया। इसके चलते समिति की इंदौर में आवश्यकता महसूस हो रही है।

सब पर होगा भाजपा का कब्जा
२२ जोन का ऐसा खाका तैयार किया गया है कि सभी पर भाजपा का ही कब्जा होगा। नियमानुसार सभापति जिस जोन में रहते हैं उसके मुखिया वही होते हैं। मुन्नालाल यादव के जोन को छोड़ दिया जाए तो बाकी २१ जोन पर भाजपाई अध्यक्ष रहे ऐसा संरचना तैयार की गई है। सबसे ज्यादा मशक्कत दो नंबर विधानसभा के वार्डों में की गई जहां पर एक लाइन से कांग्रेस के चार वार्ड हैं। सभी को योजना से अलग किया गया है।