
इंदौर. एक ग्रैंड वेडिंग के लिए शहर में शुक्रवार को देशभर से राजा-रजवाड़े जमा हुए। पांच राज्यों के ३० राजघरानों के सदस्यों की मौजूदगी में रॉयलनेस और स्टाइल दिखा। सभी अपनी पारंपरिक राजपूताना वेशभूषा में थे। रॉयल रेसिपीज से इनका ग्रैंड वेलकम हुआ। इनमें द ग्रेट महाराजा छत्रपति शिवाजी के वशंज कोल्हापुर के महाराजा साहू भोंसले भी थे। वेडिंग में राजशाही घरानों के लिए वेज और नॉनवेज डिशेस परोसी गई। मप्र, यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के ३० से ज्यादा राजा-महाराजाओं ने शिरकत की थी। आइए जानते हैं राजशाही घरानों की कुछ फेवरेट डिशेस के बारे में...
कोल्हापुर के राजा की फेवरेट ‘दमअरबी’
कोल्हापुर के राजा की फेवरेट दमअरबी ने उन्हें काफी इम्प्रेस किया। शेफ के मुताबिक इसे बनाने के लिए एक किलो अरबी, तिल का तेल, आधा कप घी, बारक कटे दो प्याज, आधा कप दही, नमक स्वादानुसार, दो चम्मच लाल मिर्च पावडर, दो चम्मच धनियां पावडर, एक चम्मच जीरा, एक छोटी चम्मच हल्दी, एक प्याज, लहसुन, एक चम्मच अदरक, तीन काली मिर्च, दस लौंग, दो दालचीनी , दो तेज पान, एक चम्मच काला जीरा और एक छोटी चम्मच पीसा हुआ जायफल।
विधि : पानी में अरबी उबालें। एक कड़ाई में तिल तेल गर्म कर ठंडा होने दें। कम आंच में अरबी को तलकर निकालें। नर्म होने तक पानी छिडक़े। सुनहारा होने दें। एक दूसरी कड़ाई में घी में लंबी कटी प्याज को सुनहरा होने तक पकनें दें। दही, नमक, लाल मिर्च, धनिया, जीरा सहित अन्य मसाले डालें। अब इसमें दो कप पानी डालें। पानी उबलने के बाद अरबी और बची हुई सामग्री डालें। अब सब्जी को दम में रखकर नर्म करें।
जूनागढ़ महाराज की पसंद ‘सुखड़ी’
जूनागढ़ महाराज की फेवरेट मिठाई है सुखड़ी। इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। घर में ही उपलब्ध सामग्रियों से तैयार किया जा सकता है। इसे गुड़ पापड़ी के नाम से भी जाना जाता है। एक कप गेहूं का आटा, छोटे-छोटे टुकड़ों में आधा कप गुड़, आधा कप घी, टेबलस्पून मलाई से तैयार हो जाएगी।
विधि : एक पैन में घी गर्म करें। मध्यम आंच पर घी में आटे को डालकर सेंक लें। अब आंच कम करें और उसमें गुड़ मिला दें। इसे अच्छी तरह मिलाएं। एक थाली में हल्का घी लगाएं और उसमें इस मिश्रण को डालें। ठंडा होने पर डायमंड शेप में टुकड़े काट लें। लगभग आधे घंटे के बाद सर्व करें।
ये राजा भी पहुंचे
महाराज बालभद्र सिंह, पवाया राजा अनिरुद्ध सिंह पंवार, ओयल घराने के महाराज समरथ, राजा तिल्लोई, महाराज बदवार, शाहपुरा के राजा बलवंत सिंह, राजा साहब तेरवा। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह भी पत्नी अमृता राय के साथ शामिल हुए।
महाराजा नरेंद्र सिंह बिड़वाल, आेमेंद्र सिंह दाता, रत्न सिंह बिड़वाल, ललित सिंह दाता, लोकेंद्र सिंह दाता, जितेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह दाता, ललित सिंह, दिलीप सिंह। इनके अलावा कोल्हपुर के एचएच महाराजा छत्रपति शाहू भोसले, अमरगढ़ किला के महाराजा निरंगज सिंह, उज्जैन के रानी दीप्ति कुमारी, महाराज ओरछा सवाई महेंद्र मधुकर शाह, महाराजा नरसिंहगढ़ भानुप्रकाश सिंह, महाराजा नरेंद्र सिंह झाबुआ, खिलचीपुर महाराजा प्रियवृत सिंह, राणा साहब बड़वानी मानवेंद्र सिंह, राणा साहब उपेंद्र सिंह, नीमखेड़ा के राजा सुरेंद्र सिंह , राजा साहब जामनिया शालीवहन सिंह, राजकुमार सुरेंद्र सिंह गढ़ा, मकसूदनगढ़ के राजा यशवर्धन सिंह, दिग्विजय सिंह और सतारा के छत्रपति दीप्ति मौजूद थे।
Published on:
21 Apr 2018 12:12 pm
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