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छोटे कारोबार की लंबी छलांग, 3 साल में खुल गई 62 हजार नई इकाइयां, 5 लाख को रोजगार

सूक्ष्म व लघु इकाई में हुई रिकॉर्ड वृद्धि, लोन योजनाओंं से मिल रहा नए उद्योगों को बूस्टर  

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छोटे कारोबार की लंबी छलांग, 3 साल में खुल गई 62 हजार नई इकाइयां, 5 लाख को रोजगार

छोटे कारोबार की लंबी छलांग, 3 साल में खुल गई 62 हजार नई इकाइयां, 5 लाख को रोजगार

इंदौर. सूक्ष्म व लघु उद्योग के जरिए खुद के कारोबार के प्रति लोगों का रूझान कोविड के बाद तेजी से बढ़ा है। आंंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन साल में छोटे कारोबार ने लंबी छलांग लगाई है। इंदौर में इस दौरान करीब 62 हजार नई इकाइयां खुल गईं जिनसे 5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। रोजगार के लिए लोन योजनाओं को बूस्टर डोज माना जा रहा है।

वर्तमान दौर मेें नौकरी करने के बजाए खुद का कारोबार शुरू कर दूसरे को रोजगार देने पर ज्यादा जोर है और यही कारण है कि पिछले कुछ सालों के मुकाबले पिछले तीन साल में ही 50 प्रतिशत सूक्ष्म व लघु इकाइयां खुल गई हैं। खुद की इकाई शुरू करने वालों में युवा सबसे आगे हैं, महिलाएं-युवतियां भी इसमें तेजी से आ रही हैं। महिलाओं को लोन योजनाओं में मिलने वाली सब्सिड़ी इसमें बड़ा रोल नहीं निभा रही है।

छोटी इकाइयां दे रही बड़ा कारोबार

जिला व्यापार व उद्योग केंद्र के आंकड़ों से साफ है कि जिले में इस समय करीब 115707 सूक्ष्म व लघु इकाइयां रजिस्टर्ड हैं। इन इकाइयों में 1738212.53 लाख रुपए का निवेश हुआ है और 969464 लोगों को रोजगार भी मिला है। पिछले 3 साल मेें जहां 63413 नई इकाइयां रजिस्टर्ड हुईं वहीं उनमें करीब 840940 लाख रुपए निवेश हुए, 527549 लोगों को रोजगार भी मिला है।


विदेश में स्थानीय सामान की मांग
कोरोना के बाद से विदेश से स्थानीय सामान की मांग बढ़ी है, इस कारण नए कारोबार बढ़ रहे है। लोग खुद की इकाई स्थापित कर रहे। अगर पैकेजिंग इकाइ स्थापित होती है तो उसके लिए मशीनरी, केबल कारोबार की डिमांड बढ़ने पर उसकी इकाइयां खुल जाती है। एक दूसरे से जुड़े होने से मांग की आपूर्ति के लिए इकाइयों की मांग बढ़ती है। -योगेश मेहता, अध्यक्ष एसो. ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र।


एमएसएमइ इकाइयों की स्थिति (राशि लाखों रुपए में)
-सत्र -संख्या -निवेश -रोजगार

-2014-15 -971 -7439.89 -2489

-2015-16 -2020 -63128 -19836

-2016-17 -5778 -185730 -73180

-2017-18 -10292 -172749 -77352

-2018-19 -12479 -256982 -184186

- 2019-20 -14630 -171159 -66679

-2020-21 -16802 -283617 -185357

-2021-22 -30379 -341763 -214023

-2022-23 -16232 -215560 -128169