- तीन तत्कालीन पार्षद सूरज कैरो, कैलाश यादव, राजेंद्र सोनी को भी सजा - लोकायुक्त ने पेश किया था 7 हजार पेज का चालान
MP की आर्थिक राजधानी इंदौर के चर्चित मेघदूत उपवन घोटाले में मंगलवार को तीन तत्कालीन पार्षदों सहित 9 को विशेष कोर्ट ने आरोपी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। तीन तत्कालीन पार्षदों में सूरज कैरो भी हैं, जो वर्तमान में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
करीब 22 साल पहले हुए मेघदूत उपवन सौंदर्यीकरण घोटाले की शिकायत लोकायुक्त भोपाल को फरवरी 2003 में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष छोटू शुक्ला ने की थी। शुक्ला ने आरोप लगाए थे कि नगर निगम परिषद के सदस्यों ने पूर्ण विकसित उपवन के सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपए फूंक दिए। जबकि, इससे पहले ही सौंदर्यीकरण पर ढाई करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके थे। लोकायुक्त की जांच में 33 लाख 60 हजार 322 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाने की भी पुष्टि हुई। रिपोर्ट के आधार पर 2015 में लोकायुक्त ने कोर्ट में 7 हजार पन्नों का चालान पेश किया था।
ये हैं आरोपी
तत्कालीन अस्सिटेंट प्लानर सुरेश कुमार जैन, तत्कालीन उद्यान अधीक्षक अमानुल्ला खान, तत्कालीन पार्षद राजेंद्र सोनी, तत्कालीन पार्षद कैलाश यादव, केशव पंडित उर्फ केशव तिवारी (ठेकेदार मेघदूत कॉर्पोरेशन), तत्कालीन पार्षद सूरज कैरो, तत्कालीन सीनियर ऑडिटर विद्यानिधि श्रीवास्तव, तत्कालीन सहायक संचालक ऋषिप्रसाद गौतम, तत्कालीन नगर प्लानर नगर पालिक निगम इंदौर जगदीश डगांवकर को सजा सुनाई गई हैं।
सभी आरोपितों को सुनाई सजा
31 जनवरी 2023,मंगलवार को विशेष न्यायालय ने इस प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए इन सभी आरोपितों को तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन का पक्ष विशेष लोक अभियोजक आशीष कुमार खरे ने किया।