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आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर बनी फिल्म का प्रदर्शन 15 से

फिल्म ‘अंतर्यात्री महापुरुष-द वाकिंग गॉड’ बनकर तैयार, पूरे देश में दर्शकों में उत्साह।

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आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर बनी फिल्म का प्रदर्शन 15 से

आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर बनी फिल्म का प्रदर्शन 15 से

इंदौर. दिगम्बर जैन समाज के आचार्य विद्यासागर महाराज (Acharya Vidyasagar Maharaj) के जीवन वृत्त पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अंतर्यात्री महापुरुष-द वाकिंग गॉड’ का देशव्यापी प्रदर्शन शुरू हो गया है। शिरोमणि क्रिएशंस के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का पहला प्रदर्शन शुक्रवार को इंदौर के कस्तूर सिनेमा में हो रहा है। फिल्म का प्रीमियर जयपुर के प्रसिद्ध राजमंदिर सिनेमाघर में हुआ, जहां फिल्म के सभी कलाकार और तकनीकी टीम भी मौजूद रही। फिल्म के तीन दिन के सभी शो हाउसफुल रहे। 15 जुलाई को ही यह फिल्म गुना में भी प्रदर्शित की जा रही है। फिल्म के पटकथा-निर्देशक अनिल कुलचेनिया ने बताया कि महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभा चुके गजेन्द्र चौहान, गूफी पेंटल, विवेक आनंद मिश्रा, किशोरी शहाणे, बलदेव, हार्दिक मिश्रा, कृष्णा भट्ट और अर्जुन जैसे मुख्य कलाकार फिल्म में हैं। फिल्म की शूटिंग मुंबई के अलावा कोल्हापुर, राजस्थान के किशनगढ़, अजमेर, कोटा तथा कर्नाटक व हैदराबाद में की गई है। फिल्म में जैन आचार्य की भूमिका विवेक आनंद मिश्रा ने निभाई है, वहीं उनके पिताश्री मल्लप्पा का किरदार गजेंद्र चौहान ( Gajendra Chauhan) ने निभाया है। माता श्रीमंती का किरदार किशोरी शहाणे निभा रही है। इस फिल्म को बनाने में करीब 400 कलाकारों और टेक्नीशियन का सहयोग रहा है।

सभी क्रू मेंबर्स ने छोड़े व्यसनफिल्म निर्माण से जुड़े प्रेरक संस्मरण बताते हुए अनिल कुलचेनिया ने बताया कि इस फिल्म को बनाते समय ही फिल्म के क्रू मेंबर्स ने नशा, मांसाहार और अन्य व्यसन छोड़ दिए। इनमें मूवी एडिटर गुल अंसारी और कैमरामैन नासिर खान ने मांसाहार छोड़ा, वहीं कुछ अन्य लोगों ने शराब और सिगरेट जैसे व्यसन भी छोड़े। फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरी यूनिट को शाकाहारी सात्विक खाना दिया गया।

ढाई साल में फिल्म बनकर तैयारफिल्म की शूटिंग मार्च 2019 में राजस्थान के किशनगढ़ में शुरू हुई थी और 18 दिन की शूटिंग के बाद कोरोना के कारण काम बंद करना पड़ा था, लेकिन ढाई वर्ष बाद इस फिल्म का फिर से निर्माण शुरू हुआ। संगीत निर्देशक सतीश देहरा ने गीत और संगीत दिया है। सुधाकर शर्मा के लिखे गीतों के अनूप जलोटा, अनुराधा पौड़वाल, साधना सरगम, पामेला जैन, आगम निगम, रामशंकर, अरविंदरसिंह, देव राठौर और गुना की सलोनी जैन ने अपनी मधुर आवाज दी है।