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जनसहयोग से तैयार होगा अहिल्या स्मारक

निर्माण में आएगी करोड़ों रुपए की लागत, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने दिया ट्रस्ट को लेकर आवेदन

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जनसहयोग से तैयार होगा अहिल्या स्मारक

जनसहयोग से तैयार होगा अहिल्या स्मारक

इंदौर। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर बनने वाले स्मारक का रास्ता धीरे-धीरे साफ हो गया है। स्मारक संचालन के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को लेकर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने प्रशासन को गठन का आवेदन दे दिया। इधर, उनकी ये भी मंशा है कि जमीन भले ही सरकार दे रही
है, लेकिन स्मारक की नींव जनसहयोग से रखी जाए। जनता को लगना चाहिए कि स्मारक उनका अपना है, जिसमें उनका भी योगदान व भूमिका है।

महाजन की मांग पर सीएम शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर में अहिल्या स्मारक बनाने की घोषणा की थी। उसके लिए रामपुरा कोठी (ओल्ड आरटीओ) और उसके आसपास की जमीन का भी चयन हो गया था लेकिन तकनीकी पेंच फंस गया। स्मारक का संचालन ट्रस्ट द्वारा किया जाना था और सबसे पहले उसका गठन। उसमें भी संभागायु्क्त व कले€क्टर को सदस्य बनाया जाना था, जिसकी अनुमति शासन से लेना पड़ गई। स्वीकृति मिलने के बाद कल महाजन ने पंजीयक लोक न्यास राऊ प्रतुल्ल सिन्हा को ट्रस्ट के गठन का आवेदन दे दिया। दावे-आपत्ति सहित 45 दिनों में ये प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद ट्रस्ट अस्तित्व में आएगा। उसके बाद शासन जमीन का आवंटन कर सकता है।

इसके साथ महाजन ने अब स्मारक के निर्माण को लेकर भी अपनी टीम के साथ रणनीति बनाना शुरू कर दी है। रामपुरा कोठी की हालत खराब है, जिसे ठीक कराने में करोड़ों रुपए खर्च होगे। पूर्व में पर्यटन विभाग ने अनुमानित लागत निकाली थी तो आंकड़ा २० करोड़ का था। ट्रस्ट हाथ खींचकर भी काम कराएगी तो दस करोड़ रुपए से कम नहीं लगेंगे। उसके बाद स्मारक में लोकमाता अहिल्या के जीवन चरित्र को उजागर करने वाले पलों के म्यूरल्स बनाए जाएंगे, जिसमें करोड़ों रुपए का खर्च होगा।

महाजन चाहती हैं कि स्मारक निर्माण में सरकार पर आश्रित ना हो। जितना सरकार से मिल जाए वह ठीक, लेकिन जन सहयोग से उसका निर्माण किया जाए। उसके जरिए जनता को स्मारक से जोडऩे का प्रयास होगा। शहरवासियों को लगना चाहिए कि इंदौर का नाम देश में करने वाली अहिल्या माता के नाम पर उन्होंने भी कुछ किया। उनकी भावनाएं स्मारक से जुडऩा चाहिए। इसको लेकर बड़े पैमाने पर अभियान भी चलाया जाएगा।

कम्पनियों से भी लेंगे सहयोग
ट्रस्ट के भावी संचालक सुधीर देडग़े के मुताबिक अहिल्या स्मारक तैयार करने के लिए शासन और जनता से सहयोग लेने के अलावा इंदौर में स्थापित बड़ी-छोटी औद्योगिक इकाइयों से भी बात की जाएगी। सभी क्पनियों के पास सीएसआर फंड होता है, जिससे वह ट्रस्ट को दान कर सकती हैं। दान से आयकर में भी उसे छूट मिलती है। आशा है कि अहिल्या माता के नाम पर कोई भी मना नहीं करेगा और आगे बढ़कर सहयोग करेंगे।

ये हैं ट्रस्ट के सदस्य
अध्यक्ष - सुमित्रा महाजन

संचालक
- संभागायु€त
- कले€क्टर
- सांसद शंकर लालवानी
- अशोक डागा
- पुरुषोत्तम पसारी
- विनोद अग्रवाल
- मिलिंद महाजन
- सुधीर देडग़े