
एड्स पीडि़त ने आरक्षक को नाखूनों से नोचा और दांतों से काटा, कोर्ट ने दिया ये बड़ा आदेश
विकास मिश्रा. इंदौर. दांतों से काटने पर एड्स नहीं फैलता है। ऐसे एड्स संक्रमित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास का केस नहीं बनाया जा सकता है। एड्स असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त चढ़ाने और एड्स पीडि़त मां से उसके बच्चे को होता हैं। दांतों के काटने, छूने, झूठा खाने या चूमने से यह बीमारी नहीं फैलती।
308 सहित अन्य गंभीर धाराएं हटाने को कहा
37 वर्षीय एड्स पीडि़त द्वारा पुलिसकर्मी को दांतों से काटने और मारपीट से जुड़े प्रकरण में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने यह आदेश हाल में दिया। इसमें पुलिस से पीडि़त के खिलाफ दर्ज गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास से जुड़ी भादवि की धारा 308 सहित अन्य गंभीर धाराएं हटाने को कहा है। पुलिसकर्मी के साथ झूमाझटकी और काटने के आरोप के चलते उसके खिलाफ सिर्फ शासकीय कार्य में बाधा से जुड़ी भादवि की धारा 332 के तहत केस चलेगा। धाराएं कम करने के आदेश के बाद अब इस केस की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) कोर्ट में होगी।
आरोपी का हुआ था विवाद
एडवोकेट अपूर्व जैन के मुताबिक, 18 जनवरी 2018 को एमआइजी थाना क्षेत्र स्थित मालवा परिसर में एड्स संक्रमित आरोपी का कैलाश नामक व्यक्ति से विवाद हुआ। दोनों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट की और घायल हालत में वहीं पड़े रहे। रात करीब 9 बजे हुए घटना क्रम की सूचना मिलने पर आरक्षक नीरज कोरी और मुकेश दुबे घटना स्थल पर पहुंचे। दोनों के चोटिल होने पर पुलिस ने एम्बुलेंस बुलाई और दोनों को एमवाय अस्पताल लेकर गए। करीब 9.20 बजे एड्स संक्रमित आरोपी स्ट्रेचर से उठकर भागने की कोशिश करने लगा। आरक्षक नीरज ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने उसके बाएं हाथ को नाखून से नोचने के बाद दाएं हाथ में दांतों से काट लिया। आरोप है कि आरोपी ने आरक्षक को कहा, मुझे एड्स है और अब तुम्हारी जिंदगी भी बर्बाद हो जाएगी।
Published on:
11 Jul 2018 10:24 am
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