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अजब-गजब नगर निगम…लोगों से कह रहा आवारा कुत्तों को पकड़कर लाओ

उठा सवाल-जब भौंकने पर लोग डर जाते हैं तो पकड़ कर लाएंगे कैसे, एंटीरेबीज वैक्सीनेशन करने के लिए जोनवाइज लगने वाले हैं शिविर

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अजब-गजब नगर निगम...लोगों से कह रहा आवारा कुत्तों को पकड़कर लाओ

इंदौर.
नगर निगम अजब-गजब है, क्योंकि जिन आवारा कुत्तों के भौंकने और लपकने से लोग डर जाते हैं। अब उन्हें पकड़कर एंटीरेबीज वैक्सीनेशन के लिए लगने वाले शिविर में लाने की अपील लोगों से गई है। सवाल उठ रहा है कि जब भौंकने पर लोग डर जाते हैं तो पकड़कर लाएंगे कैसे? क्योंकि पकडऩे के दौरान अगर कुत्ते ने काट लिया तो बाद में होने वाली मुसीबत कौन झेलेगा। इसलिए लोगों ने वैक्सीनेशन करने के लिए लगने वाले जोनवाइज कैंप में कुत्तों को लेकर जाने से दूरी बनाने का मन बना लिया है। अब ऐसे में निगम को कैसे सहयोग मिलेगा? इस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

शहर की सबसे बड़ी समस्या है कुत्ते। इनके भौंकने, लपकने और काटने का शिकार आए दिन लोग हो रहे हैं। सबसे ज्यादा बच्चे, महिला, बुजुर्ग और बाइक सवार लोग इनके शिकार हो रहे हैं। यह जानने के बावजूद निगम के जिम्मेदार सिर्फ कुत्तों की नसबंदी करने की बात कहकर अन्य कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लेते हैं और भुगतना आम जनता को पड़ रहा है। नसबंदी करने के बाद भी इनकी संख्या कम ही नहीं हो रही है। कुत्तों को शहर से बाहर करने में नाकाम निगम अभी तक नसबंदी के इंजेक्शन लगाने के बाद कुत्ते को उसी स्थान पर छोड़ जाती है, जहां से इन्हें पकड़ा गया था। कुत्तों के आंतक को कम करने के लिए नसबंदी कर संख्या कम करने में लगी निगम अब एंटीरेबीज वैक्सीनेशन का शिविर भी लगाने जा रही है जो कि निगम के 19 जोनों के अंतर्गत कुछ प्रमुख स्थानों पर लगेंगे।

लोगों से की गई अपील
इन शिविरों में वैक्सीनेशन के लिए आवारा कुत्तों को गली-मोहल्लों में से पकड़कर लाने की अपील पशु प्रेमी और आम लोगों से की गई है,ताकि कुत्तों का वैक्सीनेशन हो सकें और शहर को पूर्णत: रेबीज मुक्त करने में जनता का सहयोग मिल सकें। निगम ने लोगों से यह अजब-गजब अपील तो कर दी, लेकिन शायद यह भूल गई कि कुत्ते को देखकर और उनके भौंकने के साथ लपकने पर कई लोग डर के मारे भाग जाते हैं। अब ऐसे में लोग कैसे कुत्तों को पकड़कर शिविर में लाएंगे? निगम को चाहिए कि अपना काम खुद करें और जनता को इससे मुक्त रहे, क्योंकि कुत्ते पकडऩे के दौरान अगर वह काट खाया तो बाद में होने वाली मुसीबत से मुक्ति इंजेक्शन लगने के बाद ही मिलेगी। शिविर में आवारा के बजाय लोग पालतू कुत्ते को आसानी से ले जा सकते हैं। हालांकि कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करने का काम निगम कर रही है। इसके लिए शहर में अभियान चल रहा है।