
इंदौर. अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त में 587 युगल शादी के बंधन में बंधे। सुबह से ही शुरू हुआ कार्यक्रमों का दौर शाम तक चलता रहा। शहर में विभिन्न स्थानों पर हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में भारी भीड़ देखी गई। इस दौरान कई समाजों ने शादी कार्यक्रम आयोजित किए और दिन भर अलग अलग जगहों पर आयोजन चलते रहे।
भगवान परशुराम जयंती पर सर्व ब्राह्मण समाज, सर्व ब्राह्मण युवा परिषद् द्वारा 18 अप्रैल को शाम ६ बजे बड़ा गणपति से शोभायात्रा निकाली जाएगी। राजेंद्र नगर से भी भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
ब्राह्मण सोशल ग्रुप द्वारा स्नेहलतागंज स्थित परशुराम मंदिर पर सुबह ९ बजे गन्ने के रस से अभिषेक होगा।
अभा ब्राह्मण समाज द्वारा सुबह 6.30 बजे रणजीत हनुमान मंदिर से प्रभातफेरी निकालीज जाएगी।
सामूहिक यज्ञोपवित संस्कार - महाराष्ट्र मंडल द्वारा गणेश मंडल जेलरोड पर 501 बटुक शामिल होंगे।
अभा ब्राह्मण संगठन के तत्वावधान में १११ बटुकों का यज्ञोपवित संस्कार बाणेश्वर कुंड पर सुबह 8 बजे।
इन समाजों के होंगे सामूहिक विवाह
माली समाज
173 जोड़े
माली समाज की सभी शाखाओं द्वारा मप्र के अलग-अलग जिलों में 173 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।
यादव समाज
6 जोड़े
श्री यादव समाज चंद्रवंशी द्वारा 32वां सामूहिक विवाह सम्मेलन परदेशीपुरा धर्मशाला पर आयोजित किया है। इसमें 6 जोड़ों का विवाह होगा।
जायसवाल समाज
31 जोड़े
मप्र जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा द्वारा परिचय सम्मेलन एवं आदर्श सामूहिक विवाह अभय प्रशाल एवं यशवंत क्लब ग्राउण्ड में होगा।
बलाई समाज
101 जोड़ेश्री प्रगतिशील बलाई समाज सेवा संघ द्वारा श्रीसांवरिया धाम मंदिर परिसर, मूसाखेड़ी में मुख्यमंत्री कन्यादान
कन्यादान योजना 276 जोड़े
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सुनकर समाज धर्मशाला में 51, कुलकर्णी भट्टा आरएसएस मैदान में 101, नंदीग्राम मालवा मिल चौराहा पर 21, खंडवा नाका पर 50, माणिकबाग रोड स्थित इंद्रविहार मंदिर में 12, मलंगा मंदिर मयूर नगर में 20, चिमनबाग में 21 जोड़ों का विवाह। योजना के तहत 101 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा।
587 जोड़ों का विवाह
611 बटुक का यज्ञोपवित संस्कार
25 बैड
35 बग्घी
150 ढोल
125 घोड़ी
अक्षय तृतीया यानी शुभ मुहूर्त पर्याय
परशुराम के तेज का, आखा तीज सबूत।
परशुराम का अर्थ है, शौर्य-सत्य के दूत।।
अक्षय तृतीया यानी, परशुराम अवतार ।
सहस्रार्जुन का किया, जिन्होंने संहार ।।
अक्षय तृतीया यानी, शुभता का अध्याय।
अबूझ मुहूर्त से जुड़ा, इस तिथि का अभिप्राय।।
अक्षय तृतीया सबकी, धनी हो अथवा दीन।
इसमें सिद्धि-अभिलाषी, बली और बलहीन।।
न तो देखो चौघडिय़ा, न जंत्री के उपाय।
अक्षय तृतीया यानी, शुभ मुहूर्त पर्याय।।
- प्रो. अज़हर हाशमी
Published on:
18 Apr 2018 02:40 pm
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