
इंदौर. बुजुर्गों में हाई ब्लड प्रेशर व शुगर भी अल्जाइमर का कारण बन सकता है। लंबे समय तक बीपी-शुगर बढ़े रहने के कारण दिमाग का संतुलन बिगड़ता है। बोलने में परेशानी, चाल गड़बड़ाना आदि समस्याएं होती हैं। दिमाग में छोटे-छोटे क्लॉट होने लगते हैं। इसके कारण अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी समस्या होती है। डॉक्टरों के अनुसार एमवाय अस्पताल में आने वाले हर हजार मरीजों में से 10 से 15 मरीज अल्जाइमर की गंभीर स्थिति वाले होते हैं। साथ ही जो बुजुर्ग भूलने की बीमारी से ग्रस्त हैं, उनकी संख्या 100 में से 10 के लगभग है। हालांकि, अभी इनकी संख्या विदेशों की तुलना में काफी कम है। इसका प्रमुख कारण बेहतर खानपान व बुजुर्गों की उचित देखभाल भी है।
70 वर्ष से अधिक उम्र के पीडि़त
शासकीय मानसिक रोग चिकित्सालय में इलाज के लिए पहुंचने वाले बुजुर्गों में से लगभग 50 प्रतिशत में अल्जाइमर के लक्षण मिलते हैं। यह संख्या 5 सालों में बढ़ी है। इसमें भी 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में यह बीमारी ज्यादा होती है।
एमवाय अस्पताल में अल्जाइमर के मरीज पहुंच रहे हैं। इलाज नहीं होना, पौष्टिक आहार की कमी या तनाव इसका कारण है। समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हमारे यहां विदेशों से कम मरीज हैं, इसका कारण पारिवारिक माहौल है।
- डॉ. अर्चना वर्मा, एसो. प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज
यह मानसिक बीमारी है, जो 60 से 65 वर्ष के बाद नजर आने लगती है। इसमें तर्क करने की प्रणाली प्रभावित होती है। चिड़चिड़ापन, तनाव, शंका करना, भूल जाना आदि प्रारंभिक लक्षण हैं। कई केस में तो बुजुर्ग परिजन को भी भूल जाते हैं। ऐसे में इलाज करवाना जरूरी है।
- डॉ. वीएस पाल, अधीक्षक, बाणगंगा मानसिक रोग चिकित्सालय
Published on:
21 Sept 2023 06:39 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
