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Enjoy Weekend : इंदौर के पास है यह खूबसूरत WATERFALL, क्या आप गए हैं यहां?

परिवार और दोस्तों के साथ यहां मनाएं वीकेंड, 300 मीटर से गिरता झरना लुभाता है पर्यटकों को

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इंदौर

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Amit Mandloi

Jul 06, 2018

waterfall

Enjoy Weekend : इंदौर के पास है यह खूबसूरत WATERFALL, क्या आप गए हैं यहां?

इंदौर/गुजरी. विंध्याचल की गोद में स्थित जोगी भडक़ वाटरफॉल। दावा है कि यह न सिर्फ धार जिले का ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के सबसे बड़े और खूबसूरत वाटरफॉल में से एक है। घने जंगलों के अंदर करीब 300 मीटर की ऊंचाई से गिरते इस वाटरफॉल के नजदीक अब तक दूसरे राज्यों के कई लोग तो पहुंचते है, लेकिन क्षेत्र से बेहद कम लोग पहुंच पाए हैं। वीकेंड पर यहां आप दोस्तों और परिवार के साथ एंजॉय कर सकते हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता आपका मन मोह लेगी।

गुजरी से 14 किमी, तो इंदौर से 65 किमी विंध्याचल पर्वत के बीच एक पिकनिक पाइंट है, जो जोगी भडक़ के नाम से मशहूर है। जोगी भडक़ की सुंदरता के वीडियो यू-टयूब पर भी देखे जा सकते हैं। जोगी भडक़ वाटरफॉल की जानकारियां नेट पर सर्च कर सकते हैं। इंदौर, डॉ. आंबेडकर नगर (महू), धार, भोपाल, महाराष्ट्र से पर्यटक इस झरने की सुंदरता देखने के लिए बारिश के दिनों में आते हैं। देखते ही आनंदित कर देने वाला कल-कल बहता पानी व मोरों की कूक की आवाज के साथ उनका का नृत्य करना सभी को लुभाता है। यह वाटरफॉल वर्तमान विधायक कालूसिंह ठाकुर के गृह ग्राम से कुछ ही दूरी पर है। फिर भी यहां सुविधाएं नहीं है।

ऐसे पड़ा नाम

इमलीपुरा निवासी मांगीलाल बडूक्या (42) ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने बताया था कि जोगी भडक़ झरने के पास एक गुफा में जोगी नाम का एक बाबा रहता था। आदिवासी भाषा में जहां खाई व गहरे गड्ढे होते हैं उन्हें भडक़ कहा जाता है। इसलिए धीरे-धीरे यह वाटरफॉल जोगी भडक़ के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

ऐसे पहुंच सकते हैं जोगी भडक़ वाटरफॉल

यहां पहुंचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-3 गणपति घाट के ऊपर एबी रोड स्थित ग्राम ढाल से 2 किमी जंगल पश्चिम में जाना होता है। झरना ‘एस’ आकार का है । यहां बाइक व कार से पहुंचा जा सकता है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से न कोई संकेतक है, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही कोई रैलिंग है। यह वाटरफॉल सुंदर होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। यहां महू निवासी सचिन नामक युवा पैर फिसलने से गिर गया था। उसका पैर टूट गया था, जिसे बीएसएफ के जवान बजेसिंह कटारे ने पानी से निकाला था। वहीं बेकल्या निवासी छीतूसिंह भी पांव फिसलने से अपनी जान गवा चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि इंतजाम नहीं होने से लोगों में रोष है।