
mantra
इंदौर. इंदौर में नवरात्रि के उपलक्ष्य परेदेसीपुरा स्थित कनकेश्वरीधाम भागवत कथा का आयोजन किया गया था। जहां 108 कुंडिय चंडी महायज्ञ किया गया, जिसमें मंत्रों के उच्चारण से आहुतियां डाली गई। जिसके बाद आचार्य कौशिक महाराज ने मंत्रों से जुड़े चमत्कारों के बारें में वहां मौजूद जनता को जानकारी भी दी। यह भी बताया कि कैसे मंत्र आपके जीवन में बदलाव कर गृहों की शांति कर उनके शुभ फल प्रदान करते हैं।
भारतीय संस्कृति में सभी पर्व प्रासंगिक और तर्कसंगत होने के साथ ही सही मायने में विज्ञान सम्मत भी है। यदि प्रकृति पांच तत्वों से बनी है तो मानव शरीर में भी यह पांचों तत्व मौजूद हैं। रविवार को वृंदावन के आचार्य कौशिक महाराज ने परदेशीपुरा चौराहा स्थित मां कनकेश्वरीधाम पर 108 कुंडीय चंडी महायज्ञ व देवी भागवत कथा में उक्त विचार व्यक्त किए। यहां 151 विद्वानों के निर्देशन में तीन पारियों में लगभग ढाई हजार भक्तों ने दुर्गा सप्तशती पाठ के मंत्रों से आहुतियां समर्पित की। महायज्ञ में अब तक सवा लाख से अधिक आहुतियां डाली जा चुकी हैं।
आचार्य ने बताया
हर व्यक्ति यह चाहता है कि उसके साथ सिर्फ अच्छी परिस्थितियां हों, पर बुरी परिस्थितियां भी आ जाती हैं और हर कोई मन-मसोसकर कहता है कि होनी को कौन टाल सकता है? पर बुरी परिस्थितियों को टाला जा सकता है या उसका प्रभाव इतना कम किया जा सकता है कि वे नाममात्र का नुकसान कर चली जाएं। कलयुग में होने का एक ही फायदा है कि हम मंत्र जप कर बड़े-बड़े तप-अनुष्ठान का लाभ पा सकते हैं। मंत्र अगर गुरु ने दीक्षा देकर दिया हो तो और प्रभावी होता है। जिन्होंने मंत्र सिद्ध किया हुआ हो, ऐसे महापुरुषों द्वारा मिला हुआ मंत्र साधक को भी सिद्धावस्था में पहुंचाने में सक्षम होता है।
सबीज मंत्र
सद्गुरु से मिला हुआ मंत्र ‘सबीज मंत्र’ कहलाता है, क्योंकि उसमें परमेश्वर का अनुभव कराने वाली शक्ति निहित होती है। मंत्र जप से एक तरंग का निर्माण होता है, जो मन को उध्र्वगामी बनाते हैं। जिस तरह पानी हमेशा नीचे की ओर बहता है उसी तरह मन हमेशा पतन की ओर बढ़ता है अगर उसे मंत्र जप की तरंग का बल न मिले। कई लोग टीका-टिप्पणी करते हैं कि क्या हमें किसी से कुछ चाहिए, तो क्या उसका नाम बार-बार लेते हैं? पर वे नासमझ हैं और मंत्र की तरंग विज्ञान से अनजान हैं। मंत्र जाप का प्रभाव सूक्ष्म किंतु गहरा होता है। जब लक्ष्मणजी ने मंत्र जप कर सीताजी की कुटीर के चारों तरफ भूमि पर एक रेखा खींच दी तो लंकाधिपति रावण तक उस लक्ष्मण रेखा को न लांघ सका। हालांकि रावण मायावी विद्याओं का जानकार था। किंतु ज्यों ही वह रेखा को लांघने की इच्छा करता, त्यों ही उसके सारे शरीर में जलन होने लगती थी।
मंत्र जप से पुराने संस्कार हटते जाते हैं, जापक में सौम्यता आती-जाती है और उसका आत्मिक बल बढ़ता जाता है। मंत्र जप से चित्त पावन होने लगता है। रक्त के कण पवित्र होने लगते हैं। भय, शोक, रोग आदि निवृत्त होने लगते हैं। सुख-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति में मदद मिलने लगती है। जैसे ध्वनि तरंगें दूर-दूर तक जाती हैं, ऐसे ही नाद-जप की तरंगें हमारे अंतरमन में गहरे उतर जाती हैं तथा पिछले कई जन्मों के पाप मिटा देती हैं।
इससे हमारे अंदर शक्ति-सामर्थ्य प्रकट होने लगता है और बुद्धि का विकास होने लगता है। अधिक मंत्र जप से दूरदर्शन, दूरश्रवण आदि सिद्धियां आने लगती हैं, किंतु साधक को चाहिए कि वह इन सिद्धियों के चक्कर में न पड़े, वरन अंतिम लक्ष्य परमात्मा-प्राप्ति में ही निरंतर संलग्न रहे।
मंत्र जप मानव के भीतर की सोई हुई चेतना को जगाकर उसकी महानता को प्रकट कर देता है। यहां तक कि जप से जीवात्मा ब्रह्म-परमात्म पद में पहुंचने की क्षमता भी विकसित कर लेता है। इसलिए रोज किसी एक मंत्र का हो सके, उतना अधिक से अधिक जाप करने की अच्छी आदत अवश्य विकसित करें। अत: मंत्र जाप से व्यक्तिगत जीवन में सफलता तथा सामाजिक जीवन में सम्मान मिलता है।
नवग्रह मंत्र और जप संख्या इस प्रकार से हैं -
सूर्य - ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:
जप संख्या - 7000
जप समय - सूर्योदय काल
चंद्रमा - ऊं श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्राय नम:
जप संख्या - 11000
जप समय - संध्याकाल
मंगल - ऊं क्रांं क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:
जप संख्या - 10000
जप समय - दिन का प्रथम प्रहर
बुध - ऊं ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:
जप संख्या - 9000
जप समय - मध्याह्न काल
बृहस्पति - ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:
जप संख्या - 19000
जप समय - प्रात:काल
शुक्र - ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
जप संख्या - 18000
जप समय - ब्रह्मवेला
शनि - ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
जप संख्या - 23000
जप समय - संध्याकाल
राहु - ऊं भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
जप संख्या - 18000
जप समय - रात्रिकाल
केतु - ऊं स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:
जप संख्या - 17000
जप समय - रात्रिकाल
Updated on:
27 Mar 2018 03:46 pm
Published on:
27 Mar 2018 03:40 pm
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