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‘मसाकिन’ के रास्ते में बोहरा समाजजन पर डंडों से हमले कर रहे बदमाश, खौफ में परिवार, VIDEO में सुनें इनकी आपबीती

शहर के बिजलपुर क्षेत्र में रहने वाले लोग इन दिनों सिरफिरों की एक गैंग से परेशान हैं।

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इंदौर

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Manish Yadav

Jul 02, 2019

indore

‘मसाकिन’ के रास्ते में बोहरा समाजजन पर डंडों से हमले कर रहे बदमाश, खौफ में परिवार, VIDEO में सुनें इनकी आपबीती

मनीष यादव @ इंदौर. शहर के बिजलपुर क्षेत्र में रहने वाले लोग इन दिनों सिरफिरों की एक गैंग से परेशान हैं। बाइक पर सवार ये गैंग लट्ठ लेकर चलती है और जो सामने आता है, उस पर हमला कर देती है। यह गैंग जवान लोगों को ही नहीं, बल्कि वृद्ध, महिलाओं यहां तक की बच्चों को भी शिकार बना चुकी है। सबसे ज्यादा परेशान मसाकिन और अन्य टॉउनशिप में रहने वाले बोहरा समाजजन हैं। हालत यह हो गई है कि अब अंधेरा होते ही बच्चे घरों में दुबक जाते हैं तो बड़े भी जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते हैं। वह भी अकेले नहीं, बल्कि चार-छह लोग। आना-जाना कानवाई के रूप में करते हैं। ये लोग लूटपाट नहीं करते, सिर्फ हमला कर भाग जाते हैं। ये वारदातें लंबे समय से हो रही है, लेकिन न तो पुलिस इन पर शिकंजा कस पा रही है, न ही प्रशासन व जनप्रतिनिधि पीडि़तों को राहत दिला पा रहे हैं। न्यूज टुडे टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर पड़ताल की व प्रभावित लोगों से बात कर उनकी पीड़ा जानी, जो आपके सामने है...

यह इलाका है तेजपुर गड़बड़ी से मुंडी गांव के बीच का। ढाई से तीन किलोमीटर के इस रास्ते में मसाकिन-ए-सैफिया जैसी एक दर्जन से ज्यादा टाउनशिप हैं, लेकिन एक छोटे से हिस्से को छोडक़र कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। इसी का फायदा यह लट्ठमार गैंग उठा रही है। एक बाइक पर तीन बदमाश आते हैं। इनमें से बीच में बैठा बदमाश अपने पास लट्ठ रखता है और किसी भी सूने स्थान पर अकेला व्यक्ति आता-जाता दिखा कि उसके सीने-पीठ या फिर सिर पर डंडे से वार कर देता है। हमला करने के बाद ये कुछ दूर जाकर रुक जाते हैं और फिर देखते हैं कि कितनी गहरी चोट लगी है। अगर कोई इनका पीछा करने की कोशिश करे तो वहां से भागते हैं, लेकिन घिरा जाने पर इनके साथी आ धमकते हैं। हर बार ये बाइक भी बदल लेते हैं, ताकि कोई पहचान न सके। यहां स्थित विभिन्न टाउनशिप के रहवासियों ने पुलिस से लेकर प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों को भी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब हालत यह हो गई है कि रात के समय कॉलोनी में आने के लिए चौराहे पर अन्य लोगों का इंतजार करते हैं। दो-चार लोग आ जाते हैं तो इकट्ठा होकर कानवाई के रूप में अपने घरों की ओर जाते हैं।

यहां हुई ज्यादातर वारदात

बदमाशों ने ज्यादातर वारदात मसाकिन कॉलोनी, स्टील कॉलोनी, हैदरी कॉलोनी, शिवालय कॉलोनी के आसपास ही अंजाम दी हैं। इन इलाकों में अंधेरा होने के कारण और सडक़ खराब होने से वाहन चालक धीरे चलते हैं, इसका फायदा बदमाश उठा रहे हैं।

पत्थर उठाए तो भाग गए
मस्जिद से नमाज पढक़र घर जा रहा था। मसाकिन कॉलोनी गेट से आगे पहुंचा था कि बाइक पर तीन बदमाश आए और पीछे से डंडा दे मारा। वार इतना तेज था कि मैं गिर पड़ा। बदमाश कुछ दूर जाकर रुक गए। मैं उठा, पत्थर लेकर तैयार हो गया कि अब हमला करें तो जवाब दूं।

- हुजैफा भाई, रहवासी

टक्कर मारते, टोपी गिरा देते
मेरे बेटे के साथ वारदात हो चुकी है। मेरे साथ भी कई बार बदमाशों ने हरकत की है। मारपीट तो नहीं की, लेकिन बदमाश उनकी टोपी गिरा देने के साथ ही अगर हमला नहीं कर पाते हैं तो उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर गिरा देते हैं। अब तो घर से निकलने में भी डर लगता है।

-शब्बर हुसैन, रहवासी

भाई ने पीछा किया तो पीट दिया
मसाकिन कॉलोनी में भाई नजमुद्दीन पर हमला हुआ था। उसने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन पास के तिराहे पर उसे दूसरे बाइक सवारों ने घेर लिया और पीटने लगे। हम घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन बदमाश भाग निकले। पुलिस को शिकायत की थी।

-अब्बास भाई महूवाला, रहवासी

अंधेरा होने से पहले घर आओ
हमें तो अब रात में घर से निकलने में भी डर लगता है। आसपास के लोगों के साथ वारदात हो चुकी है। इसके बाद परिवार कहने लगा कि अंधेरा होने से पहले काम खत्म कर घर आ जाओ। रात 9 बजे बाद घर से निकलते नहीं हैं। बाहर जाना पड़े तो लोगों को साथ में लेते हैं।

-शब्बीर भाई, रहवासी

बाल-बाल बचे बच्चे
मैं बच्चों को लेकर गाड़ी से जा रहा था। इसी दौरान तेजी से बाइक सवार आए। वाहन को ऐसी टक्कर मारी कि बच्चों सहित दूर फिंका गया। पैर में गंभीर चोट आई। दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए। जैसे-तैसे उठा और परिवार के लोगों को खबर की। वो मुझे अस्पताल ले गए।

-हुसैन, रहवासी

बच्चों को बाहर खेलने नहीं देते
12 साल का बच्चा इदरीश घर के बाहर खेल रहा था। दो बदमाश आए और उसे मारना-पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर जब तक परिवार के लोग आते, बदमाश भाग निकले। इस वारदात के बाद तो हम शाम को घर के बाहर बच्चों को खेलने भी नहीं देते हैं।

-फातिमा, रहवासी

एक साल पहले हुई शुरुआत

रहवासियों के अनुसार एक साल पहले इस गैंग ने हरकत शुरू की थी और अब तक कई लोगों के साथ वारदात कर चुकी है। पहले एक बेकरी व्यवसायी को शिकार बनाया था। उस पर डंडे से हमला किया और भाग गए। रहवासियों को लगा कि चोर या लुटेरे होंगे और वारदात की नीयत से हमला किया होगा। कुछ दिनों बाद फिर एक अन्य को शिकार बनाया। अब आए दिन कोई न कोई इनका शिकार हो रहा है। ये लूटते नहीं, सिर्फ मारपीट ही करते हैं।

अच्छे घरों से हैं बदमाश

बदमाश हर बार अलग-अलग मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते हैं। पहले लगा कि आसपास के लुटेरे होंगे, लेकिन कुछ लोगों ने इन्हें पास से देखा है। कपड़ों से वह ठीक-ठाक घरों के लगते हैं। उनका उद्देश्य लूटपाट नहीं, बल्कि लोगों को पीटकर-घायल कर मजा लेना है। ये बदमाश इतने बेखौफ हैं कि किसी भी वारदात में इनका चेहरा ढंका हुआ नहीं था। अंधेरे में वारदात के कारण इन्हें पहचाना नहीं जा पा रहा है।

डेवलपमेंट भी नहीं

रहवासियों के अनुसार बिजलपुर क्षेत्र में कॉलोनियां तो बहुत बस गईं हैं, सडक़ नहीं बनी है। जरूरत का सामान यहां नहीं मिलता है। रहवासियों ने कुछ स्थानों पर लाइट लगवाई है। बारिश में हालत यह हो जाती है कि दो पहिया वाहन से मेन रोड तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। यहां पर चलने वाले डंपर और ट्रक के कारण दो बच्चे भी जान गंवा चुके हैं।

पहली बार आई शिकायत

रहवासी पहली बार शिकायत लेकर थाने आए। मामले में केस दर्ज किया है। हुलिए के आधार पर बदमाशों पर कार्रवाई कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज निकलवाए हैं, जिससे बदमाशों की पहचान हो सके। आगे ऐसी वारदात न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

-सुनील शर्मा, टीआई राजेंद्र नगर

पुलिस को दें सूचना

मामले में गश्त बढ़ाकर बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास कर रहे हैं। रहवासी पहली बार शिकायत करने आए हैं। थाने पर सूचना नहीं दे सकते तो 100 नंबर पर कॉल करंे। इससे पुलिस को समय रहते सूचना मिलेगी और बदमाशों को पकड़ा जा सकेगा। वहां पर इस तरह वारदात न हो। इसके लिए कार्रवाई की जा रही है।

-सूरज वर्मा, एसपी पश्चिम