यह है मालवा का स्वर्ग, मांडू में खास है, चार वंशों का कार्यकाल देख चुका जहाज महल
इंदौर. मांडू का दर्शन कश्मीर का आभास देता है। यहां हरी-भरी वादियां, नर्मदा का सुरम्य तट ये सब मिलकर मांडू को मालवा का स्वर्ग बनाते हैं। चार वंशों परमार काल, सुल्तान काल, मुगल काल और पवार काल का कार्यकाल देख चुका मांडू जहाज महल चर्चित स्मारक है। नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह में सबसे ज्यादा […]
इंदौर. मांडू का दर्शन कश्मीर का आभास देता है। यहां हरी-भरी वादियां, नर्मदा का सुरम्य तट ये सब मिलकर मांडू को मालवा का स्वर्ग बनाते हैं। चार वंशों परमार काल, सुल्तान काल, मुगल काल और पवार काल का कार्यकाल देख चुका मांडू जहाज महल चर्चित स्मारक है।
नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह में सबसे ज्यादा लोग पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। मौसम के खुशनुमा मिजाज और परिवार के साथ मौज-मस्ती के मूड से सबसे ज्यादा लोग प्रदेश में पचमढ़ी पहुंचते हैं। यहां पर्यटन विकास निगम के होटल अभी से फुल होने लगे हैं। इसी के चलते निगम अब यहां आसपास बने गांवों में भी पर्यटकों को ठहराने की व्यवस्था करने जा रहा है। इसके चलते पर्यटक प्राकृतिक वादियों में घूमने के साथ ही गांवों में रात बिता सकेंगे। दिल्ली सरकार की तर्ज पर प्रदेश में लागू की गई बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम यहां भी लागू की जा रही है।
स्थिति- चारों ओर पानी से घिरे होने के कारण यह जहाज का दृश्य बनाता है। इसकी आकृति टी के आकार की है। इसका निर्माण परमार राजा मुंज के समय हुआ किंतु इसके सुदृढ़ीकरण का श्रेय गयासुद्दीन खिलजी को है।
कैसे जाएं- एबी रोड स्थित इस स्थान पर इंदौर से सड़क मार्ग के जरिए जाया जा सकता है। 94 किलोमीटर की दूरी पर इस स्थान तक पहुंचने के लिए 1 घंटा 55 मिनट खर्च करने पड़ते हैं। हालांकि यहां पहुंचने के बाद सैलानियों की सारी थकान पलभर में ही काफूर हो जाती हैं।